सोमवार, 7 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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सत्य निकेतन इमारत हादसा: कांग्रेस ने 'सोची-समझी हत्या' बताकर सरकार और MCD को घेरा

दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने की घटना पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने सोमवार को इसे महज एक हादसा मानने से इनकार करते हुए 'सोची-समझी हत्या' करार दिया है। कांग्रेस नेताओं ने…

सत्य निकेतन इमारत हादसा: कांग्रेस ने 'सोची-समझी हत्या' बताकर सरकार और MCD को घेरा
(फोटो: IANS)

दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने की घटना पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने सोमवार को इसे महज एक हादसा मानने से इनकार करते हुए 'सोची-समझी हत्या' करार दिया है। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार और नगर निगम के अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

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समाचार एजेंसी IANS से बात करते हुए कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 1970 में बनी एक कमजोर नींव वाली इमारत पर पांचवीं मंजिल का निर्माण किया जा रहा था, वह भी बिना कंक्रीट स्लैब के। तिवारी के मुताबिक, सबसे बड़ा अपराध यह था कि जब इमारत में छात्र पेइंग गेस्ट के तौर पर रह रहे थे, तब भी निर्माण कार्य की इजाजत दी गई।

प्रशासनिक कार्रवाई पर उठाए सवाल

प्रमोद तिवारी ने घटना के बाद होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे एक 'रूटीन' बताया। उन्होंने सवाल किया, "जब भी कोई इमारत गिरती है, तो तस्वीरें ली जाती हैं, नेता भाषण देते हैं... कुछ दिनों बाद, जब तक कोई और हादसा नहीं होता, सब कुछ रुक जाता है।" उन्होंने इस बात पर भी हैरानी जताई कि FIR में जिम्मेदार नगर निगम और पुलिस का कोई जिक्र क्यों नहीं है, जिससे न्याय की उम्मीद कम हो जाती है।

तिवारी ने स्पष्ट रूप से कहा, "इसे हादसा मत कहिए, यह एक सुनियोजित हत्या थी। यह एक हत्या थी।" उन्होंने आरोप लगाया कि इस हादसे के लिए सिर्फ मकान मालिक ही नहीं, बल्कि भाजपा विधायक, सांसद, राज्य सरकार, केंद्र सरकार और नगर निगम के अधिकारी भी जिम्मेदार हैं, जिनकी जिम्मेदारी अवैध निर्माण को रोकने की थी।

मुआवजे और जांच की मांग

वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच के साथ ही मृतक छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। इससे पहले अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर घटना को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताया था और मलबे में फंसे लोगों के सुरक्षित निकलने की प्रार्थना की थी।

इनपुट: IANS

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News4Social दिल्ली डेस्क

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