सत्य निकेतन इमारत हादसा: मलबे में जिंदगियां तलाशने में जुटी NDRF, बचाव कार्य पूरी रात जारी रहने की संभावना
दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को गिरी एक इमारत के मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) का तलाशी और बचाव अभियान सोमवार को भी जारी है। समाचार एजेंसी IANS…
दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को गिरी एक इमारत के मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) का तलाशी और बचाव अभियान सोमवार को भी जारी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मुश्किल ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए विशेषज्ञ उपकरणों और डॉग स्क्वॉड से लैस NDRF की चार टीमें बारी-बारी से काम कर रही हैं।
जिला प्रशासन द्वारा मदद मांगे जाने के फौरन बाद रविवार को ही NDRF की टीमों को घटनास्थल पर भेज दिया गया था। ये टीमें 'कोलैप्स्ड स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू' और 'मेडिकल फर्स्ट रिस्पॉन्डर' जैसे विशेष उपकरणों से लैस हैं, जो ढह चुकी इमारतों में बचाव कार्य के लिए जरूरी होते हैं।
कई एजेंसियों का संयुक्त अभियान
यह पूरा बचाव अभियान दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की निगरानी में चलाया जा रहा है। NDRF के अलावा, दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS), दिल्ली नगर निगम (MCD), नागरिक सुरक्षा, स्वास्थ्य विभाग और पैरामेडिक्स की टीमें भी एक साथ मिलकर काम कर रही हैं।
NDRF के महानिरीक्षक (IG) नरेंद्र सिंह बुंदेला ने मीडिया को बताया कि इमारत गिरने की सूचना मिलते ही पूरी सरकारी मशीनरी सक्रिय हो गई थी। उन्होंने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट और एसडीएम सहित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्यों में स्थानीय निवासियों और स्वयंसेवकों ने भी मदद की।
बचाव कार्य की सबसे बड़ी चुनौती
बुंदेला ने बचाव कार्य की जटिलताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा, "इमारत निर्माण या संरचना के गिरने जैसी स्थितियों में, स्थिरता मुख्य चुनौती होती है। सबसे पहले अंदर फंसे जीवित पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हमें बची हुई संरचना को स्थिर करना होता है।" उन्होंने चेताया कि अस्थिर ढांचे में किसी भी हलचल से और मलबा खिसक सकता है, जिससे अंदर फंसे लोगों को गंभीर या जानलेवा चोटें आ सकती हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन कब तक पूरा होगा, इसका कोई निश्चित समय बताना मुश्किल है, लेकिन टीमें संभवतः सोमवार भर काम करती रहेंगी। ग्राउंड फ्लोर पर काफी मलबा जमा है, जिसे हटाने में समय लग सकता है।
इनपुट: IANS



