लग्जरी फैशन कंपनी पर्पल स्टाइल लैब्स की कमजोर लिस्टिंग, निवेशकों को पहले दिन ही हुआ नुकसान
लग्जरी फैशन और लाइफस्टाइल क्षेत्र की कंपनी पर्पल स्टाइल लैब्स के निवेशकों के लिए सोमवार का दिन निराशाजनक रहा। कंपनी के शेयरों ने शेयर बाजार में अपनी शुरुआत इश्यू प्राइस से काफी नीचे की, जिससे…
लग्जरी फैशन और लाइफस्टाइल क्षेत्र की कंपनी पर्पल स्टाइल लैब्स के निवेशकों के लिए सोमवार का दिन निराशाजनक रहा। कंपनी के शेयरों ने शेयर बाजार में अपनी शुरुआत इश्यू प्राइस से काफी नीचे की, जिससे निवेशकों को पहले ही दिन नुकसान उठाना पड़ा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के शेयर अपने 575 रुपए के इश्यू प्राइस के मुकाबले लगभग 7% के डिस्काउंट पर लिस्ट हुए।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर पर्पल स्टाइल लैब्स का शेयर 539 रुपए पर खुला, जो कि 6.26% की गिरावट है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर यह 535 रुपए पर लिस्ट हुआ, यानी इश्यू प्राइस से 6.96% कम। लिस्टिंग के बाद भी बिकवाली का दबाव बना रहा और शुरुआती कारोबार में शेयर और लुढ़क गए। BSE पर यह 516 रुपए तक गिरा, जो 10.26% का नुकसान है, जबकि NSE पर यह 515.85 रुपए के निचले स्तर पर पहुंच गया, जो करीब 10.28% की गिरावट दर्शाता है।
कमजोर लिस्टिंग के पीछे क्या हैं कारण?
विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी के लगातार बढ़ते घाटे और तेजी से बढ़े कर्ज ने निवेशकों के भरोसे को कमजोर किया है। कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का घाटा बढ़कर 285.40 करोड़ रुपए हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 188.38 करोड़ रुपए और 2023-24 में 47.71 करोड़ रुपए था।
इसी तरह, 31 मार्च 2026 तक कंपनी पर कुल उधारी 371.40 करोड़ रुपए तक पहुंच गई, जो एक साल पहले केवल 112.79 करोड़ रुपए थी। हालांकि, इस दौरान कंपनी की कुल आय 494 करोड़ रुपए से बढ़कर 567.07 करोड़ रुपए हो गई, लेकिन उसका परिचालन लाभ (EBITDA) 41.99 करोड़ रुपए से घटकर 30.37 करोड़ रुपए रह गया। यह इस बात का संकेत है कि आय बढ़ने के बाद भी कंपनी की मुनाफा कमाने की क्षमता पर दबाव है।
कारोबार से जुड़े अन्य जोखिम
कंपनी के बिजनेस मॉडल में भी कुछ जोखिम हैं। इसके प्रमुख ब्रांड 'पर्नियाज पॉप-अप शॉप' की 77.7% बिक्री सिर्फ महिलाओं के कपड़ों से होती है। ऐसे में फैशन ट्रेंड्स में बदलाव या मांग में कमी का सीधा असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ सकता है। इसके अलावा, पर्निया कुरैशी की ओर से ब्रांड से जुड़े एक लाइसेंस समझौते को खत्म करने का नोटिस भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है।
कंपनी का 680 करोड़ रुपए का IPO 31 अगस्त से 2 सितंबर के बीच खुला था, जिसके लिए प्राइस बैंड 546-575 रुपए प्रति शेयर तय किया गया था।
इनपुट: IANS



