यूक्रेन संकट के समाधान पर भारत का ज़ोर, एस. जयशंकर ने रूस संबंधों पर सलाहकार समिति की बैठक की
यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत अपनी कूटनीतिक कोशिशों पर लगातार ज़ोर दे रहा है। इसी क्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को नई दिल्ली में भारत-रूस संबंधों पर सलाहकार समिति की एक…
यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत अपनी कूटनीतिक कोशिशों पर लगातार ज़ोर दे रहा है। इसी क्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को नई दिल्ली में भारत-रूस संबंधों पर सलाहकार समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में यूक्रेन संकट को समाप्त करने के लिए बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर भारत के निरंतर समर्थन को रेखांकित किया गया।
विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बैठक में भारत और रूस के बीच विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग के कई पहलुओं पर गहन चर्चा हुई।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी जैसे रणनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों को और मज़बूत करने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
रूस ने की थी भारत की सराहना
यह बैठक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना किए जाने के ठीक एक दिन बाद हुई। शुक्रवार को मॉस्को में आयोजित वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब के 23वें सत्र में पुतिन ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी हर मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने का मुद्दा उठाते हैं। रूसी समाचार एजेंसी तास के हवाले से उन्होंने कहा, "वह बहुत अच्छे सुझाव देते हैं, जिनका मकसद ऐसे समाधान तलाशना होता है जो दोनों पक्षों को स्वीकार हों।" पुतिन ने यह भी कहा कि भारत सरकार का रुख निष्पक्ष है और वह इस संघर्ष को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त होते देखना चाहती है।
इनपुट: IANS



