यूपी चुनाव: स्वामी प्रसाद मौर्य की राहुल गांधी से मुलाकात, कांग्रेस के साथ गठबंधन में लड़ने का ऐलान, विलय से इनकार
उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात की है। इस बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि मौर्य की पार्टी फिलहाल कांग्रेस में विलय नहीं करेगी…
उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात की है। इस बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि मौर्य की पार्टी फिलहाल कांग्रेस में विलय नहीं करेगी, लेकिन वह 'इंडिया' गठबंधन के हिस्से के तौर पर कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच उत्तर प्रदेश में गठबंधन, सीटों के बंटवारे और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर चर्चा हुई।
मुलाकात के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि उनकी और राहुल गांधी की विचारधारा और संघर्ष एक समान हैं। उन्होंने कहा, "प्रदेश में वह पहले से संघर्ष कर रहे हैं, जबकि राहुल गांधी देश स्तर पर इन मुद्दों को उठा रहे हैं।" मौर्य के अनुसार, इसी साझा जमीन के चलते राहुल गांधी के साथ उनकी पहली बैठक "सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ी है।"
गठबंधन पक्का, विलय नहीं
जब स्वामी प्रसाद मौर्य से उनकी पार्टी के कांग्रेस में विलय के बारे में पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई सवाल ही नहीं उठता क्योंकि उनकी पार्टी प्रदेश में अपना संघर्ष कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी 'इंडिया' गठबंधन के एक घटक के रूप में कांग्रेस के साथ खड़ी रहेगी। सीटों की संख्या पर उन्होंने कहा कि इस पर बाद में बातचीत होगी और अभी कोई आंकड़ा देना जल्दबाजी होगी।
कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने भी इस मुलाकात की पुष्टि करते हुए कहा कि मौर्य ने राहुल गांधी को "देश का चेहरा" बताया है और उनके साथ मिलकर 'इंडिया' गठबंधन को मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की है। विलय के सवाल पर गौतम ने कहा कि इसका फैसला भविष्य में स्वामी प्रसाद मौर्य को ही करना है।
भाजपा सरकार पर निशाना
स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा सरकार पर जनहित के मुद्दों पर विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने बेरोजगारी, सरकारी नौकरियों में भर्ती, आउटसोर्सिंग, आरक्षण, गरीबी और सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। मौर्य ने कहा, "सरकारी नौकरियों की भर्ती बंद होने से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के आरक्षण पर भी असर पड़ा है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के खिलाफ अत्याचार बढ़े हैं और जाति-धर्म के नाम पर समाज को बांटा जा रहा है।
इनपुट: IANS



