केरल: पूर्व DGP आर. श्रीलेखा का तिरुवनंतपुरम नगर निगम से इस्तीफा, भाजपा में खलबली
केरल की पहली महिला पुलिस महानिदेशक (DGP) रह चुकीं आर. श्रीलेखा ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में अपने पार्षद पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने शास्तमंगलम वार्ड के लोगों को भेजे एक संदेश में इसे अपना…
केरल की पहली महिला पुलिस महानिदेशक (DGP) रह चुकीं आर. श्रीलेखा ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में अपने पार्षद पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने शास्तमंगलम वार्ड के लोगों को भेजे एक संदेश में इसे अपना 'व्यक्तिगत फैसला' बताया। उनके इस कदम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय नेतृत्व में हलचल मच गई है, क्योंकि श्रीलेखा ने एक साल से भी कम समय पहले पार्टी के एक हाई-प्रोफाइल उम्मीदवार के तौर पर राजनीति में प्रवेश किया था।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, श्रीलेखा ने 30 सितंबर को व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा मेयर वी.वी. राजेश को सौंप दिया था। हालांकि, इस इस्तीफे को लेकर एक प्रक्रियात्मक भ्रम की स्थिति भी बन गई है। नगर निगम के सचिव ने कहा कि उन्हें अभी तक इस्तीफा पत्र नहीं मिला है, जबकि नियमों के अनुसार इसे उन्हें ही सौंपा जाना चाहिए। दूसरी तरफ, मेयर ने पुष्टि की है कि पत्र उनके पास है।
पार्टी में मतभेद और मेयर पद की दौड़
श्रीलेखा का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पार्टी नेतृत्व के साथ उनके मतभेदों की खबरें पहले से ही चर्चा में थीं। दिसंबर 2025 में हुए चुनाव में उन्होंने शास्तमंगलम वार्ड से आराम से जीत हासिल की थी। उस समय ऐसी अटकलें थीं कि अगर निगम में भाजपा सत्ता में आती है तो उन्हें मेयर बनाया जा सकता है।
हालांकि, चुनाव के बाद भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर तो उभरी, लेकिन मेयर का पद पार्टी के पूर्णकालिक नेता वी.वी. राजेश को दिया गया। इस फैसले से श्रीलेखा के समर्थकों में निराशा फैल गई थी। पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद श्रीलेखा ने बड़े स्तर पर प्रचार के साथ चुनाव लड़ा था, और बाद में उन्हें वट्टियोरकावु विधानसभा सीट से भी उम्मीदवार बनाया गया, जहाँ वे तीसरे स्थान पर रही थीं।
निगम में भाजपा का संख्या बल
इस इस्तीफे के बाद 101 सदस्यीय तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा के पार्षदों की संख्या 50 से घटकर 49 रह जाएगी। निगम में प्रशासन चलाने के लिए निर्दलीय पार्षदों का समर्थन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण बना रहेगा। फिलहाल, राज्य भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर शहर से बाहर हैं और यह चर्चा है कि क्या पार्टी नेतृत्व श्रीलेखा को इस्तीफा वापस लेने के लिए मना सकता है।
इनपुट: IANS



