मंगलवार, 18 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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विझिंजम पोर्ट: 16,000 करोड़ के दूसरे चरण के निवेश से केरल में बदलेगी तस्वीर, 5000 नई नौकरियां मिलेंगी

केरल के विझिंजम इंटरनेशनल पोर्ट पर आयात-निर्यात (EXIM) का संचालन पूरी तरह शुरू होने के साथ ही इसके विस्तार की एक बड़ी योजना सामने आई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पोर्ट के दूसरे…

विझिंजम पोर्ट: 16,000 करोड़ के दूसरे चरण के निवेश से केरल में बदलेगी तस्वीर, 5000 नई नौकरियां मिलेंगी
(फोटो: IANS)

केरल के विझिंजम इंटरनेशनल पोर्ट पर आयात-निर्यात (EXIM) का संचालन पूरी तरह शुरू होने के साथ ही इसके विस्तार की एक बड़ी योजना सामने आई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पोर्ट के दूसरे चरण के विकास के लिए 16,000 करोड़ रुपये का विशाल निवेश किया जाएगा। इस निवेश का लक्ष्य दिसंबर 2028 तक बंदरगाह को एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

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इस विस्तार योजना के तहत बंदरगाह की क्षमता को बढ़ाकर सालाना 57 लाख टीईयू (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट्स) तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा, 1,200 मीटर का नया कंटेनर बर्थ भी जोड़ा जाएगा। इस निवेश से 5,000 से ज़्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

व्यापार और कनेक्टिविटी पर बड़ा असर

विझिंजम पोर्ट का यह विकास भारत के समुद्री व्यापार के लिए काफी अहमियत रखता है। कंपनी के अनुसार, अभी तक भारत का 75% से अधिक कंटेनर ट्रांसशिपमेंट कार्गो विदेशी बंदरगाहों के ज़रिए होता है, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ते हैं। विझिंजम में आयात-निर्यात संचालन शुरू होने से विदेशी बंदरगाहों पर यह निर्भरता कम होगी, सप्लाई चेन सुधरेगी और लॉजिस्टिक्स का समय घटेगा।

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) के सीईओ अश्वनी गुप्ता ने इसे एक "नए गेटवे की शुरुआत" बताया। उन्होंने कहा, "यह एक नए गेटवे की शुरुआत है जो केरल के टैलेंट, भारत के एंटरप्राइज और लाखों लोगों की उम्मीदों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ता है।" उन्होंने यह भी कहा कि यह पोर्ट सिर्फ़ कार्गो की आवाजाही के लिए नहीं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा देगा।

केरल के विकास में अदाणी समूह की भूमिका

इस नए निवेश के साथ, विझिंजम प्रोजेक्ट में अदाणी समूह का कुल निवेश बढ़कर 30,000 करोड़ रुपये हो जाएगा। यह केरल में किसी भी कारोबारी घराने द्वारा किया गया अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। इस निवेश से रेल और सड़क कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स पार्क और वेयरहाउसिंग जैसे बुनियादी ढांचे का भी विकास किया जाएगा।

केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने इस अवसर को राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा, "विझिंजम अब दुनिया के लिए एक गेटवे बन गया है। हमारे सामने चुनौती यह है कि हम 'मिशन समुद्र' के जरिए इस मौके का पूरा फायदा उठाएं।" उन्होंने बताया कि सरकार रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण पर 3,200 करोड़ रुपये खर्च करेगी और निजी निवेश आकर्षित करने के लिए बातचीत भी शुरू हो चुकी है।

इनपुट: IANS

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