गुरूवार, 22 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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बिजली वितरण में सुधार: RDSS योजना के तहत सरकार ने ₹1.53 लाख करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों को दी मंज़ूरी

देश में बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने और घाटे को कम करने के उद्देश्य से सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के तहत बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता को मंजूरी दी गई है। सोमवार को संसद में…

बिजली वितरण में सुधार: RDSS योजना के तहत सरकार ने ₹1.53 लाख करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों को दी मंज़ूरी
(फोटो: IANS)

देश में बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने और घाटे को कम करने के उद्देश्य से सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के तहत बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता को मंजूरी दी गई है। सोमवार को संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत बिजली हानि को रोकने वाले बुनियादी ढांचागत कार्यों के लिए 1.53 लाख करोड़ रुपए की विशाल राशि स्वीकृत की गई है।

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समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने राज्यसभा में बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा, स्मार्ट मीटरिंग से जुड़े कार्यों के लिए भी 1.31 लाख करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी गई है। इस योजना का लक्ष्य बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की परिचालन क्षमता और वित्तीय स्थिति में सुधार लाना है।

डिजिटलीकरण और स्मार्ट टेक्नोलॉजी पर जोर

इस योजना के तहत वित्तीय सहायता का एक बड़ा हिस्सा वितरण नेटवर्क के डिजिटलीकरण पर केंद्रित है। इसमें देश भर के 19.79 करोड़ उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाना, 2.05 लाख फीडरों को अपग्रेड करना और 52.53 लाख वितरण ट्रांसफार्मरों (DTs) को आधुनिक बनाना शामिल है। इसके अलावा, बेहतर निगरानी और प्रबंधन के लिए 394 शहरों में SCADA (पर्यवेक्षी नियंत्रण और डेटा अधिग्रहण) और DMS (वितरण प्रबंधन प्रणाली) लागू करने के लिए 2,627 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं।

तकनीकी क्षमता और आधुनिकीकरण

अन्य स्वीकृत राशियों में आईटी/ओटी (सूचना प्रौद्योगिकी/परिचालन प्रौद्योगिकी) कार्यों के लिए 3,999 करोड़ रुपए शामिल हैं, जिसमें एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग, यूनिफाइड बिलिंग और रियल-टाइम डेटा सिस्टम जैसे सुधार शामिल होंगे। साथ ही, सात शहरों में स्मार्ट डिस्ट्रीब्यूशन परियोजनाओं के लिए 8,608 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं में भूमिगत केबल बिछाने से लेकर सिस्टम के आधुनिकीकरण तक के कार्य शामिल हैं।

अब तक कितना फंड जारी हुआ?

सरकार ने बताया कि वित्त वर्ष 2023 से अब तक RDSS के तहत कुल 47,124 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। इसमें से 2,733 करोड़ रुपए विशेष रूप से स्मार्ट मीटरिंग कार्यों के लिए दिए गए हैं। बिजली क्षेत्र में डेटा के आदान-प्रदान को आसान बनाने के लिए सरकार ने इंडिया एनर्जी स्टैक (IES) नामक एक सार्वभौमिक डिजिटल प्रणाली भी शुरू की है। कर्मचारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए भी 100.9 करोड़ रुपए आवंटित किए गए, जिसमें से जुलाई 2026 तक 23.36 करोड़ रुपए का उपयोग कर 14,853 कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली एक समवर्ती विषय है, इसलिए उपभोक्ताओं को बिजली वितरण की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकार और राज्य विद्युत नियामक आयोग की होती है।

इनपुट: IANS

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