सोमवार, 10 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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ऊर्जा सुरक्षा: पश्चिम एशिया के तनाव के बीच भारत अब 15 देशों से LNG खरीद रहा है

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और इससे ऊर्जा आपूर्ति में संभावित बाधाओं को देखते हुए भारत ने एक अहम कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, देश ने अपनी तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की…

ऊर्जा सुरक्षा: पश्चिम एशिया के तनाव के बीच भारत अब 15 देशों से LNG खरीद रहा है
(फोटो: IANS)

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और इससे ऊर्जा आपूर्ति में संभावित बाधाओं को देखते हुए भारत ने एक अहम कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, देश ने अपनी तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की खरीद के लिए स्रोतों का विस्तार किया है। अब भारत सिर्फ छह देशों पर निर्भर रहने के बजाय कुल 15 देशों से LNG का आयात कर रहा है।

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यह जानकारी सरकार ने सोमवार को संसद में दी। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि इस विविधीकरण से किसी एक देश, क्षेत्र या ट्रांजिट रूट पर भारत की निर्भरता कम हुई है। उन्होंने कहा, “इस विविधीकरण से किसी एक देश, क्षेत्र या पारगमन मार्ग पर निर्भरता कम हुई है और आपूर्ति में व्यवधान तथा बाजार में उतार-चढ़ाव से निपटने की भारत की क्षमता बढ़ी है।”

कच्चे तेल के आयात में भी विविधता

सिर्फ LNG ही नहीं, भारत ने कच्चे तेल की खरीद के स्रोतों का नेटवर्क भी काफी व्यापक किया है। पहले जहां 27 देशों से कच्चा तेल आता था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 41 हो गई है। यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है। वैश्विक ऊर्जा बाजार की मौजूदा अस्थिरता के दौर में आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत रखना देश के लिए बेहद जरूरी हो गया है।

आपात स्थिति के लिए रणनीतिक भंडार

आयात के स्रोतों को बढ़ाने के साथ-साथ, सरकार आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए देश की रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण क्षमता का भी विस्तार कर रही है। इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड (आईएसपीआरएल) ने पहले ही आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में तीन रणनीतिक भंडार सुविधाएं स्थापित की हैं, जिनकी कुल क्षमता 5.33 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) है। ये भंडार वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उछाल जैसी स्थितियों में काम आते हैं। इसके अलावा, सरकार ने ओडिशा के चांदीखोल और कर्नाटक के पडुर में 6.5 MMT की कुल क्षमता वाली दो और वाणिज्यिक-सह-रणनीतिक रिजर्व सुविधाओं को भी मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं को जुलाई 2021 में मंजूरी दी गई थी।

इनपुट: IANS

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