राजस्थान: साइबर ठगी रोकने की नई पहल, 1 लाख से ज़्यादा के फ्रॉड पर अब खुद दर्ज होगी e-FIR
राजस्थान में ₹1 लाख या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में अब पुलिस बिना किसी देरी के कार्रवाई कर सकेगी। राज्य पुलिस ने एक नई 'ई-जीरो एफआईआर' प्रणाली शुरू की है, जिसमें ऐसे मामलों में…
राजस्थान में ₹1 लाख या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में अब पुलिस बिना किसी देरी के कार्रवाई कर सकेगी। राज्य पुलिस ने एक नई 'ई-जीरो एफआईआर' प्रणाली शुरू की है, जिसमें ऐसे मामलों में शिकायत मिलते ही एफआईआर स्वतः दर्ज हो जाती है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस पहल के लागू होने के मात्र 18 घंटों के भीतर ही 7 शिकायतें दर्ज की गईं, जो इसकी प्रभावशीलता को दर्शाता है।
यह कदम केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद उठाया गया है, जिसका उद्देश्य कानूनी प्रक्रिया में तेजी लाना और साइबर अपराधियों पर नकेल कसना है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में शुरू हुई इस व्यवस्था के तहत अब तक कुल 460 ई-जीरो एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इससे पहले, केवल 5 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले ही पुरानी ई-एफआईआर प्रणाली के दायरे में आते थे।
कैसे काम करती है यह प्रणाली?
साइबर क्राइम के अतिरिक्त महानिदेशक वीके सिंह ने बताया कि यह एक इंटीग्रेटेड सिस्टम है। जब कोई पीड़ित साइबर हेल्पलाइन '1930' पर धोखाधड़ी की सूचना देता है, तो शिकायत अपने आप इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) से जुड़ जाती है। इसके बाद, शिकायत बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के तुरंत संबंधित पुलिस स्टेशन को भेज दी जाती है, जिससे कार्रवाई तत्काल शुरू हो जाती है।
पीड़ितों को कैसे मिलेगा फायदा?
अधिकारियों के मुताबिक, इस स्वचालित प्रक्रिया से अधिकार क्षेत्र (jurisdiction) को लेकर होने वाली देरी खत्म हो गई है। पुलिस अब संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज करने और धोखाधड़ी वाले लेनदेन का पता लगाने जैसे कदम बहुत तेजी से उठा सकती है। इससे साइबर धोखाधड़ी में गंवाए गए पैसे को वापस पाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध लेनदेन का पता चलते ही फौरन '1930' पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं, क्योंकि जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसे की रिकवरी की उम्मीद उतनी ही ज़्यादा होगी।
इनपुट: IANS



