राजस्थान: करोड़ों के बिजली तार चुराने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा गया, 12 सदस्य गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बिजली की हाई-टेंशन लाइनों से केबल चुराने में सक्रिय था। सीकर जिले में पुलिस के एक संयुक्त अभियान में इस गिरोह के 12 सदस्यों को…
राजस्थान पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बिजली की हाई-टेंशन लाइनों से केबल चुराने में सक्रिय था। सीकर जिले में पुलिस के एक संयुक्त अभियान में इस गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस गिरोह पर लगभग 5 से 6 करोड़ रुपये मूल्य के बिजली के तार चोरी करने का आरोप है।
पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में कई वारदातों को अंजाम देना कबूल किया है। उन्होंने पावरग्रिड वाटामन ट्रांसमिशन लिमिटेड द्वारा बिछाई जा रही 765 केवी की सीकर-नरेला ट्रांसमिशन लाइन के करीब 103 किलोमीटर के हिस्से में चोरी की बात मानी है। ये चोरियां मुख्य रूप से सदर नीम का थाना और डबला थाना क्षेत्रों में की गईं।
कैसे हुई कार्रवाई और क्या हुआ बरामद?
यह कार्रवाई जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राहुल प्रकाश के निर्देशों पर एसपी प्रवीण नायक नूनावत के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने और तकनीकी खुफिया जानकारी जुटाने के बाद संदिग्धों की पहचान कर उन्हें धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अपराध में इस्तेमाल किए गए वाहन भी बरामद किए हैं, जिनमें एक थार, एक कार, एक पिकअप ट्रक और दो मोटरसाइकिलें शामिल हैं। इसके अलावा, चोरी के तारों को बेचकर कमाए गए पैसों से खरीदे गए दो आईफोन भी जब्त किए गए हैं।
जांच की शुरुआत और गिरफ्तार आरोपी
इस मामले की जांच तब शुरू हुई जब 9 अगस्त को स्किपर लिमिटेड के सहायक प्रबंधक दीपांकर देबनाथ ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई से 6 अगस्त के बीच चार अलग-अलग जगहों से कंडक्टर, तार और अन्य सामग्री चोरी हो गई थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई।
गिरफ्तार किए गए लोगों में धीरज बगड़िया (26), मोहित जाखर (20), लोकेश मेहरानिया (20), विजय कुमार मेहरानिया (20), सचिन कुमार सैनी (19), दीपक मीना (23), राहुल यादव (21), हनुमान मीना (19), जगदीश बावरिया (38), मोनू जाट, हिमांशु नायक (19) और सुनील गुर्जर (24) शामिल हैं। पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी का माल किसे और कहां बेचा जाता था।
इनपुट: IANS



