उदयपुर: 5 लोगों पर हमला करने वाले तेंदुए ने दो दिन फैलाई दहशत, वन विभाग ने पकड़कर राहत दी
राजस्थान के उदयपुर में पिछले दो दिनों से दहशत का पर्याय बने एक तेंदुए को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है। शहर के पास उमरड़ा इलाके के खेड़ा गांव में इस तेंदुए ने पांच लोगों पर हमला किया था…
राजस्थान के उदयपुर में पिछले दो दिनों से दहशत का पर्याय बने एक तेंदुए को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है। शहर के पास उमरड़ा इलाके के खेड़ा गांव में इस तेंदुए ने पांच लोगों पर हमला किया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार सुबह तेंदुए के पिंजरे में कैद होने के बाद उसे सज्जनगढ़ जैविक उद्यान भेज दिया गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
लगातार हमलों के बाद गांव में डर का माहौल ऐसा था कि लोग अपने घर छोड़कर सरकारी इमारतों और रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को मजबूर हो गए थे। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद इलाके में सुरक्षा की भावना लौटी है, हालांकि कई ग्रामीण अभी पूरी तरह अपने घरों को नहीं लौटे हैं।
हमलों का सिलसिला और दहशत
तेंदुए के हमले की पहली घटना मंगलवार देर शाम हुई थी, जिसमें एक युवक घायल हुआ था। इसके बाद बुधवार को हालात और बिगड़ गए, जब सुबह करीब 6 बजे तेंदुए ने तीन और लोगों पर हमला कर दिया। उसी दिन दोपहर लगभग 1 बजे एक महिला को भी उसने अपना शिकार बनाया। इन हमलों में 45 वर्षीय लोगरलाल मीणा की जान चली गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, सभी घायलों—60 वर्षीय जग्गा मीणा, 20 वर्षीय हितेश, 40 वर्षीय कालू और 45 वर्षीय लोगरी बाई—की हालत अब खतरे से बाहर है।
वन विभाग का सघन अभियान
लोगों पर हो रहे लगातार हमलों को देखते हुए वन विभाग ने एक बड़ा अभियान चलाया। उत्तरी वन मंडल के उप वन संरक्षक (DCF) डीके तिवारी के नेतृत्व में करीब 40 वनकर्मियों की टीम मौके पर तैनात की गई। टीम ने एक अतिरिक्त पिंजरा लगाया और कई कैमरा ट्रैप स्थापित किए। समाचार एजेंसी IANS ने बताया कि तेंदुए की गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही थी। शुक्रवार तड़के उसके मूवमेंट कैमरे में कैद भी हुए, लेकिन वह पिंजरे में नहीं फंसा। अधिकारियों ने उसके संभावित रास्तों पर रेत बिछाकर पदचिह्नों से पुष्टि की कि वह करीब 1.5 किलोमीटर के सीमित दायरे में ही घूम रहा है। आखिरकार, शनिवार को विभाग की कोशिशें रंग लाईं और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया, जिसे बाद में बेहोश कर जैविक उद्यान स्थानांतरित कर दिया गया।
इनपुट: IANS



