राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनाव का रास्ता साफ, सरकार ने हाईकोर्ट में पेश किया पूरा कार्यक्रम
राजस्थान में लंबे समय से अटके हुए नगर निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर आखिरकार स्थिति स्पष्ट हो गई है। राज्य सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश पर चुनाव कराने का एक विस्तृत रोडमैप पेश कर दिया है…
राजस्थान में लंबे समय से अटके हुए नगर निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर आखिरकार स्थिति स्पष्ट हो गई है। राज्य सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश पर चुनाव कराने का एक विस्तृत रोडमैप पेश कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, अगर अदालत इस प्रस्तावित कार्यक्रम को मंजूरी देती है, तो राज्य में चुनाव प्रक्रिया अगस्त में शुरू होकर नवंबर मध्य तक पूरी हो सकती है।
यह पूरा मामला चुनाव में हो रही देरी को लेकर दायर जनहित याचिकाओं के बाद हाईकोर्ट पहुंचा था। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने नगर निकाय चुनाव और गिरराज सिंह देवांदा ने पंचायत चुनाव में देरी को लेकर याचिकाएं दायर की थीं, जिसके बाद अदालत ने सरकार से सिर्फ आश्वासन की जगह एक तय समय-सीमा मांगी थी।
चुनाव का प्रस्तावित कार्यक्रम
सरकार द्वारा सौंपे गए शेड्यूल के अनुसार, चुनाव की प्रक्रिया दो चरणों में होगी। पहले नगर निकाय के चुनाव कराए जाएंगे, जिसकी अधिसूचना 17 अगस्त को जारी होगी। इसके बाद पंचायत चुनावों की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके लिए 23 सितंबर को अधिसूचना जारी की जाएगी। पूरी मतदान प्रक्रिया 15 नवंबर तक संपन्न होने की संभावना है।
आरक्षण और तैयारियों की समय-सीमा
अदालत को दी गई जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट के 16 जुलाई के निर्देशों के बाद 19 जुलाई को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई थी। इसमें राज्य निर्वाचन आयोग, ओबीसी आयोग और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल थे। बैठक में तय हुआ कि ओबीसी आयोग 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगा। इसके ठीक बाद, 15 अगस्त तक अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के 90 दिनों के भीतर राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव संपन्न कराएगा।
इनपुट: IANS



