राजस्थान: BJP प्रदेश अध्यक्ष के गढ़ पाली में कांग्रेस की बड़ी सेंध, निर्दलीय पार्षद तय करेंगे निगम का भविष्य
राजस्थान के पाली नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को उसके ही मजबूत गढ़ में बड़ा झटका दिया है। यह क्षेत्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का गृह जिला है, जहां कांग्रेस 65 में…
राजस्थान के पाली नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को उसके ही मजबूत गढ़ में बड़ा झटका दिया है। यह क्षेत्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का गृह जिला है, जहां कांग्रेस 65 में से 29 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस नतीजे ने भाजपा के पारंपरिक गढ़ को एक कड़े मुकाबले वाले राजनीतिक अखाड़े में बदल दिया है।
भाजपा, जो पिछले 10 वर्षों से पाली के स्थानीय निकाय पर काबिज थी, इस बार 21 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस भले ही बहुमत के लिए जरूरी 33 सीटों के जादुई आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई, लेकिन उसने भाजपा पर 8 सीटों की निर्णायक बढ़त बना ली है। भाजपा के लिए यह हार इसलिए भी बड़ी है क्योंकि पार्टी को खुद प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के अपने वार्ड में भी हार का सामना करना पड़ा।
किंगमेकर की भूमिका में निर्दलीय
चुनाव में 15 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है, जो अब निगम का बोर्ड बनाने में 'किंगमेकर' की भूमिका निभाएंगे। स्पष्ट बहुमत न होने के कारण कांग्रेस को अपना मेयर बनाने और बोर्ड पर कब्जा करने के लिए निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। वहीं, भाजपा भी कांग्रेस को सत्ता से दूर रखने के लिए इन निर्दलीय पार्षदों को अपने पाले में लाने की पूरी कोशिश करेगी, जिससे आने वाले दिनों में सियासी खींचतान देखने को मिल सकती है।
मदन राठौड़ के लिए बड़ा झटका
पाली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का गृह क्षेत्र है, जहां वे कई बार पार्टी के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं और सुमेरपुर से दो बार विधायक भी रहे हैं। इस क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। ऐसे में उनके अपने ही गढ़ में पार्टी की यह हार एक बड़े राजनीतिक झटके के तौर पर देखी जा रही है। राजस्थान स्थानीय निकाय चुनावों में इस नतीजे को काफी अहम माना जा रहा है।
इनपुट: IANS



