राजस्थान: 93 लाख सक्षम लोगों ने छोड़ा राशन, 1 करोड़ से ज़्यादा ज़रूरतमंद परिवारों को मिली खाद्य सुरक्षा
राजस्थान में एक करोड़ से ज़्यादा नए और पात्र लोगों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के दायरे में लाया गया है। राज्य सरकार की एक अनूठी 'गिव अप' पहल के बाद यह संभव हुआ, जिसमें लाखों आर्थिक रूप…
राजस्थान में एक करोड़ से ज़्यादा नए और पात्र लोगों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के दायरे में लाया गया है। राज्य सरकार की एक अनूठी 'गिव अप' पहल के बाद यह संभव हुआ, जिसमें लाखों आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों ने स्वेच्छा से अपने राशन का अधिकार छोड़ दिया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान से उन ज़रूरतमंदों तक सरकारी मदद पहुँची है जो अब तक इसका लाभ नहीं उठा पा रहे थे।
खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि लगभग 93.48 लाख सक्षम लोगों के अपने NFSA लाभ स्वेच्छा से छोड़ने के कारण, सरकार 1,00,56,511 नए पात्र लोगों को इस योजना से जोड़ पाई है। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का धन्यवाद करते हुए इसे राज्य की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा पहलों में से एक बताया।
कैसे काम किया 'गिव अप' अभियान ने?
राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभार्थियों की संख्या लगभग 4.46 करोड़ पर सीमित है। यह कोटा पहले से ही पूरा होने के कारण कई ज़रूरतमंद परिवार योजना में शामिल नहीं हो पा रहे थे। इसी समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने 1 नवंबर 2023 को 'गिव अप' अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को अपने राशन लाभ स्वेच्छा से छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
अभियान के सफल होने के बाद, 26 जनवरी 2024 को NFSA पोर्टल दोबारा खोला गया ताकि नए पात्र परिवार आवेदन कर सकें। इस दौरान 87.6 लाख नए लाभार्थी जोड़े गए। इससे पहले मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 12.95 लाख लोगों को पहले ही शामिल किया जा चुका था, जिससे नए लाभार्थियों का कुल आँकड़ा एक करोड़ के पार हो गया।
नए लाभार्थियों को मिलेगा दोहरा फायदा
मंत्री सुमित गोदारा के मुताबिक, योजना में नए जोड़े गए सभी लोग 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' के तहत हर महीने प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं पाने के हक़दार होंगे। इसके अलावा, वे कई अन्य राज्य-स्तरीय कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उठा सकेंगे। इनमें मुख्यमंत्री LPG सब्सिडी योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना जैसी महत्वपूर्ण स्कीमें शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र परिवार खाद्य सुरक्षा और अन्य सरकारी लाभों से वंचित न रहे।
इनपुट: IANS



