रूसी सेना में बड़ा फेरबदल, राष्ट्रपति पुतिन ने कई वरिष्ठ कमांडरों को सौंपी नई ज़िम्मेदारियाँ
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेना की संगठनात्मक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से रक्षा मंत्रालय और सैन्य कमान में कई बड़े बदलावों की घोषणा की है। बुधवार को क्रेमलिन में हुई एक अहम बैठक…
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेना की संगठनात्मक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से रक्षा मंत्रालय और सैन्य कमान में कई बड़े बदलावों की घोषणा की है। बुधवार को क्रेमलिन में हुई एक अहम बैठक के दौरान उन्होंने इन नई नियुक्तियों को मंज़ूरी दी। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक में रक्षा मंत्री आंद्रे बेलौसोव और रूसी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ प्रमुख वालेरी गेरासिमोव भी मौजूद थे।
पुतिन ने कहा कि रक्षा मंत्रालय कमान और लॉजिस्टिक्स (सैन्य आपूर्ति व्यवस्था) को और प्रभावी बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसी क्रम में कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई भूमिकाएँ सौंपी गई हैं।
प्रमुख नियुक्तियाँ और नई ज़िम्मेदारियाँ
इस फेरबदल के तहत, पूर्व फील्ड कमांडर अलेक्जेंडर सांचिक को उप रक्षा मंत्री बनाते हुए हथियारों की खरीद और आपूर्ति की ज़िम्मेदारी दी गई है। वहीं, वालेरी सोलोडचुक को भी उप रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है, जो अब सेना की सभी लॉजिस्टिक्स और पीछे की सहायता सेवाओं का काम देखेंगे।
इसके अलावा, मोर्चे पर तैनात सैन्य समूहों के नेतृत्व में भी बदलाव किए गए हैं। आंद्रे इवानायेव को 'सेंटर ग्रुप ऑफ फोर्सेज' का नया कमांडर बनाया गया है। राष्ट्रपति पुतिन के अनुसार, यह समूह डोनेट्स्क क्षेत्र में महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों को अंजाम दे रहा है। प्योत्र बोल्गारेव को 'ईस्ट ग्रुप ऑफ फोर्सेज' का प्रमुख और ईस्टर्न मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट का कार्यवाहक कमांडर नियुक्त किया गया है।
नई सैन्य प्रणाली का गठन
एक और महत्वपूर्ण कदम के तहत, डेनिस ल्यामिन को रूस की नई स्थापित मानवरहित सैन्य प्रणाली (Unmanned Military System) के गठन और विकास की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। ल्यामिन इससे पहले सेंटर ग्रुप ऑफ फोर्सेज के चीफ ऑफ स्टाफ थे।
सेना का विस्तार
यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब रूस अपनी सेना का विस्तार भी कर रहा है। पिछले सप्ताह ही राष्ट्रपति पुतिन ने एक आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत रूसी सशस्त्र बलों में सैनिकों की संख्या 25,000 बढ़ाने का फैसला किया गया। इस वृद्धि के बाद, सशस्त्र बलों की कुल स्वीकृत संख्या 24,26,130 हो जाएगी, जिसमें 15,35,000 सैनिक शामिल होंगे।
इनपुट: IANS



