रक्षा सहयोग: भारत और उज़्बेकिस्तान ने संयुक्त सैन्य अभ्यास और औद्योगिक साझेदारी बढ़ाने पर की चर्चा
भारत और उज़्बेकिस्तान ने अपने रक्षा संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बैठक की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पर छठी संयुक्त कार्य समूह (Joint Working…
भारत और उज़्बेकिस्तान ने अपने रक्षा संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बैठक की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पर छठी संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) की बैठक बुधवार को ताशकंद में संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा संयुक्त प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यास और रक्षा उद्योग में साझेदारी बढ़ाना था।
बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव दिनेश कुमार और उज़्बेकिस्तान के रक्षा मंत्रालय में अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग विभाग के प्रमुख लेफ्टिनेंट कर्नल सुखरोबजोन सोदिकजोनोविच सिरोजोव ने की। यह चर्चा नई दिल्ली में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उज़्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव के बीच हुई बातचीत की अगली कड़ी थी, जिसका उद्देश्य सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है।
संयुक्त अभ्यास और क्षमता निर्माण
वार्ता के दौरान संयुक्त सैन्य अभ्यासों और प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। इन अभ्यासों का मुख्य फोकस आतंकवाद-रोधी अभियानों पर होगा और दोनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए विशेष मॉड्यूल शामिल किए जाएंगे। ये अभ्यास बारी-बारी से भारत और उज़्बेकिस्तान में आयोजित होंगे, जिससे सैनिकों को एक-दूसरे की रणनीतियों और अनुभवों से सीखने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, क्षमता निर्माण के तहत चल रहे शैक्षणिक कार्यक्रमों और तकनीकी सहायता की भी समीक्षा की गई।
रक्षा उद्योग और तकनीकी सहयोग
भारत के बढ़ते रक्षा निर्यात और विनिर्माण क्षमताओं को देखते हुए, बैठक में रक्षा क्षेत्र में नए उद्योगों की स्थापना पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसमें तकनीक के आदान-प्रदान और रक्षा उपकरणों के रखरखाव से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे। अपनी यात्रा के दौरान, भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ताशकंद स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ मिलिट्री सिक्योरिटी एंड डिफेंस का भी दौरा किया।
भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसे 2019 में स्थापित संयुक्त कार्य समूह के माध्यम से आगे बढ़ाया जाता है। दोनों देश नियमित रूप से 'डस्टलिक' नामक संयुक्त सैन्य अभ्यास भी करते हैं। इसका सातवां संस्करण इसी साल 12 से 25 अप्रैल के बीच उज़्बेकिस्तान के नमनगन में आयोजित हुआ था, जिसमें महार रेजिमेंट और भारतीय वायु सेना के जवानों ने हिस्सा लिया था।
इनपुट: IANS



