शेख हसीना के बेटे ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया, कहा- भारत ने माँ को पूरा सम्मान दिया
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने अपनी माँ को "पूरा सम्मान" देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार का आभार व्यक्त किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक…
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने अपनी माँ को "पूरा सम्मान" देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार का आभार व्यक्त किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, जॉय ने यह टिप्पणी बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की, जिसमें वे अमेरिका से ऑनलाइन शामिल हुए।
अपनी माँ की भारत में हो रही देखभाल पर संतोष जताते हुए जॉय ने कहा, "मोदी सरकार ने उनकी मां को 'पूरा सम्मान दिया है, और इसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगा'।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी माँ की प्रस्तावित बांग्लादेश वापसी को लेकर ढाका सरकार से कोई बातचीत नहीं हुई है। जॉय के मुताबिक, "हम बांग्लादेश सरकार के संपर्क में नहीं हैं। वह यह फैसला खुद ले रही हैं, चाहे बांग्लादेश सरकार की इच्छा कुछ भी हो।"
बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर चिंता
सजीब वाजेद जॉय ने बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश अब भारत की पूर्वी सीमा पर "एक और पाकिस्तान" बन गया है, जहाँ आईएसआई सहित विदेशी खुफिया एजेंसियों को खुली छूट मिली हुई है। जॉय ने चेतावनी दी कि देश में आतंकवादी तत्व खुले तौर पर सक्रिय हैं।
कूटनीति और बदलते समीकरण
वॉशिंगटन और पाकिस्तान के बीच बढ़ते संपर्क पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नई सरकारों के साथ नीतियां बदलती रहती हैं और "ये चीजें बहुत तेजी से बदल सकती हैं।" उन्होंने अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर की हालिया ढाका यात्रा को एक सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया बताया और कहा कि अमेरिका का मौजूदा ध्यान लोकतंत्र और मानवाधिकारों के बजाय व्यापार बढ़ाने पर है।
"यह मेरा व्यक्तिगत फैसला है": शेख हसीना
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को शेख हसीना ने भी एक अज्ञात स्थान से ऑडियो लिंक के जरिए संबोधित किया। भारत को एक "अच्छा और भरोसेमंद दोस्त" बताते हुए उन्होंने साफ़ किया कि बांग्लादेश लौटने का उनका निर्णय पूरी तरह से व्यक्तिगत है और इसमें भारत सरकार से कोई सलाह-मशविरा शामिल नहीं है।
हसीना ने अपनी वापसी को लेकर दृढ़ संकल्प दिखाते हुए कहा, "कुछ भी हो सकता है। वे मुझे मार भी सकते हैं। फिर भी मुझे जाना होगा। मुझे सिर्फ अपने लोगों का समर्थन चाहिए।" उन्होंने दिसंबर में किसी समय लौटने की अपनी इच्छा दोहराई, हालांकि कोई निश्चित तारीख नहीं बताई। गौरतलब है कि शेख हसीना 2024 में छात्र आंदोलन के बाद देश छोड़ने को मजबूर हुईं और तब से भारत में निर्वासन में हैं।
इनपुट: IANS



