केरल: दो शिक्षिकाओं से जुड़े ड्रग्स मामले में बड़े नेटवर्क की तलाश, जांच में जुटी पुलिस
केरल के वडकारा में दो महिला शिक्षकों की संलिप्तता वाले एमडीएमए ड्रग्स रैकेट मामले ने शिक्षा जगत को झकझोर कर रख दिया है। अब पुलिस की जांच इस नेटवर्क की गहरी जड़ों और इसमें शामिल अन्य सहयोगियों का पता…
केरल के वडकारा में दो महिला शिक्षकों की संलिप्तता वाले एमडीएमए ड्रग्स रैकेट मामले ने शिक्षा जगत को झकझोर कर रख दिया है। अब पुलिस की जांच इस नेटवर्क की गहरी जड़ों और इसमें शामिल अन्य सहयोगियों का पता लगाने पर केंद्रित हो गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जांच टीम जल्द ही गिरफ्तार की गईं दोनों आरोपी शिक्षिकाओं—मरुथोनकारा की के.सी. कीर्तनना और कूराचुंडु की काव्या—की पुलिस हिरासत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।
पुलिस को उम्मीद है कि दोनों से एक साथ पूछताछ करने पर ड्रग्स सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है। इसमें मादक पदार्थ की आपूर्ति करने वालों, उसे ग्राहकों तक पहुंचाने वाले एजेंटों और इससे आर्थिक लाभ कमाने वाले लोगों की पहचान शामिल है।
ऑपरेशन और जांच के मुख्य बिंदु
यह पूरा मामला 'ऑपरेशन तूफान' के दौरान सामने आया, जो पुलिस उपाधीक्षक (डीवाईएसपी) के नेतृत्व में नशे के खिलाफ चलाया गया एक विशेष अभियान था। जांचकर्ताओं का मानना है कि दोनों शिक्षिकाएं इस संगठित एमडीएमए वितरण नेटवर्क में बिचौलियों की अहम भूमिका निभा रही थीं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह में और भी शिक्षक शामिल हैं।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब वडकारा पुलिस ने दो सप्ताह पहले सफवान और रिजवान नाम के दो व्यक्तियों को दो ग्राम एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया। उनके बैंक खातों की फोरेंसिक जांच में कीर्तनना और काव्या के खातों में बड़ी रकम भेजे जाने के सबूत मिले। इसी आधार पर पहले कीर्तनना को गिरफ्तार किया गया और पूछताछ में उसने काव्या की भूमिका का खुलासा किया।
कैसे काम करता था यह नेटवर्क
जांच में ड्रग्स की खरीद-फरोख्त के एक आधुनिक तरीके का खुलासा हुआ है। ग्राहक क्यूआर कोड के जरिए आरोपियों को भुगतान करते थे। पैसा मिलने के बाद, आरोपी ड्रग्स के छिपाकर रखे गए पैकेट की जीपीएस लोकेशन भेज देते थे। इसके बाद नेटवर्क का कोई दूसरा सदस्य उस जगह से ड्रग्स उठाकर ग्राहक तक पहुंचाता था। पुलिस को यह भी संदेह है कि शक से बचने के लिए कीर्तनना के बैंक खाते में आने वाली बड़ी रकम बाद में काव्या के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती थी।
विभाग ने की कार्रवाई
इस मामले में विभागीय कार्रवाई भी शुरू हो गई है। समग्र शिक्षा केरल के तहत पेराम्बरा ब्लॉक रिसोर्स सेंटर में कार्यरत कीर्तनना को रविवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। वहीं, सामान्य शिक्षा विभाग अस्थायी शिक्षिका काव्या को भी सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर सकता है।
इनपुट: IANS



