मध्य प्रदेश: एक ही पते पर 40 पासपोर्ट! STF ने फर्जीवाड़े की जांच का दायरा बढ़ाया
मध्य प्रदेश में एक बड़े फर्जी पासपोर्ट रैकेट का खुलासा होने की आशंका के बीच स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अपनी जांच का दायरा कई जिलों तक बढ़ा दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले…
मध्य प्रदेश में एक बड़े फर्जी पासपोर्ट रैकेट का खुलासा होने की आशंका के बीच स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अपनी जांच का दायरा कई जिलों तक बढ़ा दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अब तक 70 से ज्यादा पासपोर्ट की जांच की जा रही है और पूर्वोत्तर राज्यों के चार निवासियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
यह जांच अब भोपाल के अलावा ग्वालियर, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा तक पहुंच गई है। जांच अधिकारी पासपोर्ट आवेदनों में दिए गए पतों, जमा किए गए दस्तावेजों और उनकी प्रामाणिकता की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं। आशंका है कि एक संगठित गिरोह इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे हो सकता है।
एक पता, दर्जनों पासपोर्ट
एसटीएफ के उप महानिरीक्षक राहुल लोढ़ा ने बताया कि रैकेट का तरीका चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा, "ग्वालियर में, डबरा के सेमरिया ताल इलाके में एक ही जगह से 17 पासपोर्ट के लिए धोखाधड़ी से आवेदन किए गए थे। भोपाल में अन्ना नगर के एक पते का इस्तेमाल करके 40 पासपोर्ट जारी किए गए थे।" भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र स्थित अन्ना नगर के एक मठ के पते पर जारी इन 40 पासपोर्टों की विशेष जांच की जा रही है।
अंतर-राज्यीय कनेक्शन की जांच
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी असम सहित पूर्वोत्तर के रहने वाले हैं और उनके विवरणों का सत्यापन किया जा रहा है। IANS से बात करते हुए राहुल लोढ़ा ने कहा, "अब तक नकली पासपोर्ट मामले में कुल 70 पासपोर्ट की जांच की जा रही है। हमने नागपुर से गिरफ्तार एक आरोपी के एक और पासपोर्ट को भी इसमें शामिल किया है, जो गुजरात में जारी हुआ था। जांच अभी भी जारी है।"
एसटीएफ इस नेटवर्क के अंतर-राज्यीय संबंधों की भी पड़ताल कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या ये सभी मामले आपस में जुड़े हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
इनपुट: IANS



