तमिलनाडु में प्याज की बढ़ती कीमतों से राहत, राशन दुकानों पर रियायती दर पर बिक्री की तैयारी
तमिलनाडु में प्याज की खुदरा कीमतों में भारी उछाल के बाद आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य का सहकारी क्षेत्र अब राशन की दुकानों के जरिए रियायती दरों पर प्याज…
तमिलनाडु में प्याज की खुदरा कीमतों में भारी उछाल के बाद आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य का सहकारी क्षेत्र अब राशन की दुकानों के जरिए रियायती दरों पर प्याज बेचने की योजना बना रहा है, जिससे परिवारों के बजट पर पड़ रहे बोझ को कम किया जा सके।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में रसोई की इस सबसे ज़रूरी चीज़ के दाम लगभग दोगुने हो गए हैं। जो बड़ा प्याज पिछले महीने के अंत तक करीब 30 रुपये किलो बिक रहा था, वह अब कई खुदरा बाजारों में 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। इसी तरह, छोटे प्याज (शैलोट) की कीमतें भी 40-50 रुपये से बढ़कर लगभग 70 रुपये प्रति किलो हो गई हैं।
सरकार का हस्तक्षेप और योजना
बाजार में कीमतों के लगातार ऊंचे बने रहने के कारण, सहकारी क्षेत्र ने हस्तक्षेप करने का फैसला किया है। योजना के तहत, सरकार थोक में प्याज खरीदेगी और उसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाएगी। इसके लिए राज्य ने नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (NAFED) से संपर्क कर 70,000 किलोग्राम प्याज के आवंटन का अनुरोध किया है।
एक बार केंद्रीय एजेंसी से यह खेप मिल जाने के बाद, इसे पूरे तमिलनाडु की राशन दुकानों में वितरित किया जाएगा। उम्मीद है कि इन दुकानों पर प्याज 30 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बेचा जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को खुले बाजार की कीमतों की तुलना में प्रति किलो 30 रुपये तक की सीधी राहत मिल सकती है।
मांग का आकलन और भविष्य की रणनीति
अधिकारियों ने बताया है कि पहली खेप से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर मांग का आकलन किया जाएगा, जिसके बाद आगे की खरीद पर निर्णय होगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कीमतों में अचानक आई तेजी के प्रभाव को कम करना और परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाना है। गौरतलब है कि पहले भी जब आपूर्ति की कमी या मौसमी उतार-चढ़ाव के कारण कीमतें बढ़ी हैं, तब सरकार ने सहकारी संस्थाओं और राशन दुकानों के जरिए आवश्यक वस्तुओं की बिक्री नियंत्रित दरों पर की है। इस दौरान अधिकारी थोक और खुदरा बाजारों में प्याज की कीमतों और उपलब्धता पर लगातार नजर रखेंगे।
इनपुट: IANS



