विदेश में UPI से पेमेंट अब और आसान, HSBC और NPCI की साझेदारी से मिलेगा रियल-टाइम एक्सचेंज रेट
अब विदेश यात्रा के दौरान यूपीआई (UPI) से भुगतान करना भारतीय यात्रियों के लिए और भी पारदर्शी और सुविधाजनक हो जाएगा। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI)
अब विदेश यात्रा के दौरान यूपीआई (UPI) से भुगतान करना भारतीय यात्रियों के लिए और भी पारदर्शी और सुविधाजनक हो जाएगा। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और एचएसबीसी इंडिया ने एक अहम साझेदारी की है, जिसका मकसद सीमा-पार होने वाले UPI ट्रांजैक्शन के लिए विदेशी मुद्रा की दरों का तुरंत निपटान (real-time forex settlement) करना है।
इस नई व्यवस्था के तहत, जब कोई भारतीय ग्राहक विदेश में UPI के ज़रिए भुगतान करेगा, तो उसे उसी समय पता चल जाएगा कि भारतीय रुपए में उसके खाते से कितनी रकम कटेगी। यह सुविधा एचएसबीसी इंडिया द्वारा डायरेक्ट एपीआई इंटीग्रेशन के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, जो रियल-टाइम यानी तत्काल विदेशी मुद्रा दरें प्रदान करेगा।
लेन-देन में पूरी पारदर्शिता
इस पहल का सबसे बड़ा फायदा ग्राहकों को मिलने वाली पारदर्शिता है। अब तक एक्सचेंज रेट को लेकर जो अनिश्चितता रहती थी, वह खत्म हो जाएगी। NPCI के मुताबिक, इससे न सिर्फ भारतीय ग्राहकों को सटीक विनिमय दर का लाभ मिलेगा, बल्कि विदेश में मौजूद व्यापारियों और वित्तीय संस्थानों को भी उनकी स्थानीय मुद्रा में आसानी से भुगतान मिल सकेगा।
NPCI के एक प्रवक्ता ने इस साझेदारी को सीमा-पार भुगतान के लिए एक "महत्वपूर्ण कदम" बताया। उन्होंने कहा, "इससे ग्राहकों को अधिक पारदर्शी भुगतान अनुभव मिलेगा और अंतरराष्ट्रीय भुगतान पहले से अधिक सुविधाजनक बनेंगे। साथ ही यह भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता दिलाने में भी मदद करेगा।"
मज़बूत होगा डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम
एचएसबीसी इंडिया का वैश्विक भुगतान नेटवर्क और एपीआई-आधारित तकनीक इस सुविधा को चौबीसों घंटे सुरक्षित और तेज़ बनाएगी। उम्मीद है कि इस साझेदारी से सीमा-पार भुगतान प्रणाली की क्षमता बढ़ेगी और दुनिया भर में भारत के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम को अपनाने की प्रक्रिया में भी तेज़ी आएगी।
वर्तमान में, भारत की यूपीआई सेवा नौ देशों में उपलब्ध है, जिनमें सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नेपाल, भूटान, मॉरीशस, फ्रांस, श्रीलंका, कतर और कंबोडिया शामिल हैं। इन देशों में भारतीय नागरिक अपने घरेलू बैंक खाते से सीधे रुपए में क्यूआर कोड स्कैन करके भुगतान कर सकते हैं। NPCI भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के मार्गदर्शन में भारत की रिटेल डिजिटल भुगतान प्रणाली का संचालन करता है।
इनपुट: IANS



