ओडिशा: जांच आयोग की रिपोर्टें गायब होने के मामले में नवीन पटनायक के करीबी वीके पांडियन को पुलिस का नोटिस
ओडिशा की पिछली बीजद सरकार के दौरान दो महत्वपूर्ण जांच आयोगों की रिपोर्टें गायब होने के मामले में पुलिस ने पूर्व आईएएस अधिकारी और नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी वी. कार्तिकेय पांडियन को पूछताछ के लिए तलब…
ओडिशा की पिछली बीजद सरकार के दौरान दो महत्वपूर्ण जांच आयोगों की रिपोर्टें गायब होने के मामले में पुलिस ने पूर्व आईएएस अधिकारी और नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी वी. कार्तिकेय पांडियन को पूछताछ के लिए तलब किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भुवनेश्वर की कमिश्नरेट पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर 25 जुलाई को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है।
यह मामला गृह विभाग द्वारा 10 जून को राजधानी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई एक शिकायत (केस संख्या 460/26) से जुड़ा है। इसमें दो अहम रिपोर्टों के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से कथित तौर पर गुम होने का आरोप है।
कौन सी रिपोर्टें हुईं गायब?
गायब हुई रिपोर्टों में पहली कंधमाल जिले के जलेशपेटा आश्रम में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और अन्य की हत्या की जांच पर न्यायमूर्ति एएस नायडू आयोग की रिपोर्ट है। दूसरी रिपोर्ट भुवनेश्वर के एसयूएम अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में हुए भीषण अग्निकांड पर राजस्व मंडल आयुक्त (आरडीसी) की जांच रिपोर्ट है।
पांडियन को क्यों बुलाया गया?
जांच अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर ऐसा लगता है कि पांडियन इस मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से परिचित हो सकते हैं। उन्हें 25 जुलाई को सुबह 11 बजे सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), जोन-I, भुवनेश्वर के कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। नोटिस में यह भी लिखा है कि उनसे जांच में पूर्ण सहयोग की अपेक्षा की जाती है और वे अपने साथ मामले से संबंधित कोई भी दस्तावेज, रिकॉर्ड या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ला सकते हैं।
इसी मामले में पुलिस इससे पहले दो अन्य पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों को भी नोटिस जारी कर चुकी है। इनमें सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राजेश वर्मा और ओडिशा के पूर्व आईटी सचिव मनोज कुमार मिश्रा शामिल हैं। मनोज मिश्रा 18 जुलाई को जांच अधिकारी के सामने पेश होकर अपना बयान दर्ज करा चुके हैं।
इनपुट: IANS



