गुरूवार, 23 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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डाबर इंडिया का बड़ा कदम: अब LNG ट्रकों से होगी सप्लाई, ग्रीनलाइन से मिलाया हाथ

देश की प्रमुख FMCG कंपनी डाबर इंडिया ने अपनी सप्लाई चेन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने अब अपने सामान की ढुलाई के लिए लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) से चलने…

डाबर इंडिया का बड़ा कदम: अब LNG ट्रकों से होगी सप्लाई, ग्रीनलाइन से मिलाया हाथ
(फोटो: IANS)

देश की प्रमुख FMCG कंपनी डाबर इंडिया ने अपनी सप्लाई चेन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने अब अपने सामान की ढुलाई के लिए लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) से चलने वाले ट्रकों का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पहल के लिए डाबर ने एस्सार ग्रुप की कंपनी ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस लिमिटेड के साथ साझेदारी की है।

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इस समझौते का मुख्य उद्देश्य डाबर के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करना है। ग्रीनलाइन भारत में LNG और इलेक्ट्रिक हैवी कमर्शियल ट्रक चलाने वाली एकमात्र ग्रीन लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर है। यह साझेदारी इस बात का संकेत है कि देश की बड़ी कंपनियाँ अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए टिकाऊ और कम प्रदूषण वाले परिवहन समाधानों को तेजी से अपना रही हैं।

साझेदारी का लक्ष्य और महत्व

इस सहयोग के तहत, ग्रीनलाइन अपने LNG-चालित ट्रकों को डाबर इंडिया के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में तैनात करेगी। इससे लंबी दूरी के माल परिवहन के दौरान होने वाले उत्सर्जन में कमी आएगी, जबकि परिचालन की दक्षता और विश्वसनीयता पहले की तरह बनी रहेगी। यह पहल डाबर की एक टिकाऊ सप्लाई चेन बनाने की कोशिशों को और मजबूती देगी।

ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस के वाइस प्रेसिडेंट (सेल्स) चार्ल्स डेवलिन डी'कोस्टा ने कहा, "डाबर इंडिया जैसी प्रतिष्ठित उपभोक्ता उत्पाद कंपनी के साथ साझेदारी करना हमारे लिए गर्व की बात है। यह उत्साहजनक है कि देश की अग्रणी कंपनियाँ कम उत्सर्जन वाले लॉजिस्टिक्स को अपनी कारोबारी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रही हैं।" उन्होंने आगे कहा कि ऐसी हर साझेदारी भारत के सड़क लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद करती है।

टिकाऊ भविष्य की ओर एक कदम

डाबर इंडिया के ग्लोबल डायरेक्टर (सप्लाई चेन) सम्राट सहगल के अनुसार, कंपनी की सस्टेनेबिलिटी रणनीति में सप्लाई चेन के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना एक अहम लक्ष्य है। उन्होंने कहा, "ग्रीनलाइन के साथ यह साझेदारी लॉजिस्टिक्स संचालन में कम उत्सर्जन वाले परिवहन को शामिल करने का अवसर देती है, जिससे दक्षता और विश्वसनीयता भी बनी रहती है।"

ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस वर्तमान में 1,000 से अधिक वाहनों के बेड़े का संचालन करती है। ये वाहन स्टील, सीमेंट, FMCG और केमिकल जैसे कई क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। कंपनी के बेड़े ने अब तक 10 करोड़ किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की है और अपने ग्राहकों को 27,000 टन से ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम करने में मदद की है।

इनपुट: IANS

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