लिस्टिंग के अगले ही दिन SBI फंड्स का शेयर क्यों गिरा? जानिए कंपनी के चेयरमैन ने क्या कहा
शेयर बाज़ार में शानदार शुरुआत के बाद लिस्टिंग के दूसरे ही दिन SBI फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। बुधवार को कंपनी का शेयर 4% से ज़्यादा की गिरावट के साथ 600 रुपए के…
शेयर बाज़ार में शानदार शुरुआत के बाद लिस्टिंग के दूसरे ही दिन SBI फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। बुधवार को कंपनी का शेयर 4% से ज़्यादा की गिरावट के साथ 600 रुपए के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर यह शेयर 4.11 प्रतिशत टूटकर 584.70 रुपए पर आ गया।
दिन के कारोबार में शेयर 609 रुपए पर खुला था, लेकिन पूरे सत्र के दौरान इसमें गिरावट बनी रही। एक समय यह 583 रुपए के निचले स्तर तक भी गया, जो इसके बंद भाव के काफी करीब है। यह इस बात का संकेत है कि कारोबार के अंत तक शेयर पर बिकवाली का दबाव बना रहा। इससे पहले मंगलवार को SBI फंड्स मैनेजमेंट की लिस्टिंग अपने इश्यू प्राइस 574 रुपए के मुकाबले 6.27% के प्रीमियम पर 613.30 रुपए पर हुई थी।
हिस्सेदारी घटाने की कोई योजना नहीं: SBI
शेयर में गिरावट के बीच, प्रमोटर कंपनी भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। SBI के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने स्पष्ट किया है कि बैंक की SBI फंड्स मैनेजमेंट में अपनी हिस्सेदारी घटाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि इस IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) का मुख्य उद्देश्य खुदरा निवेशकों यानी आम लोगों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनाना था।
शेट्टी के अनुसार, यह लिस्टिंग SBI की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह अपनी सहायक कंपनियों में लंबी अवधि के लिए मूल्य बनाना चाहता है। उन्होंने बताया कि SBI ने SBI फंड्स मैनेजमेंट में लगभग 6,000 करोड़ रुपए का निवेश किया है और बैंक का लगातार समर्थन कंपनी की सफलता में महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि कंपनी पहले से ही कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मज़बूत मानकों का पालन करती रही है।
इनपुट: IANS



