राजस्थान: सवाई माधोपुर के स्कूल में छात्राओं के कपड़े उतरवाकर तलाशी, NHRC ने सरकार से मांगी रिपोर्ट
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले से एक सरकारी स्कूल में छात्राओं के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) तक पहुँच गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार…
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले से एक सरकारी स्कूल में छात्राओं के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) तक पहुँच गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, आयोग ने इस घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
यह मामला लिवली गाँव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, एक छात्रा के 1,000 रुपये खो जाने के बाद स्कूल की दो शिक्षिकाओं ने नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा की छात्राओं की तलाशी ली। आरोप है कि इस दौरान छात्राओं को न सिर्फ कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया गया, बल्कि उनके साथ मारपीट भी की गई, हालांकि तलाशी में कोई पैसा नहीं मिला।
घटना के बाद हुई कार्रवाई
जब छात्राओं ने घर जाकर अपने माता-पिता को इस घटना की जानकारी दी, तो अगले दिन बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल में इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन किया। मामले के तूल पकड़ने के बाद राजस्थान स्कूल शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) की रिपोर्ट के आधार पर वरिष्ठ शिक्षिका सरस्वती मीणा को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, स्कूल की व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक वंदना शर्मा को भी उनके काम से हटाकर सर्विस प्रदाता एजेंसी को वापस भेज दिया गया है।
विभाग ने दिया निगरानी का भरोसा
इस घटना के बाद, शिक्षा विभाग ने कहा है कि वह छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों पर नजर रख रहा है। विभाग ने अधिकारियों को राज्य भर के शिक्षण संस्थानों पर निगरानी मजबूत करने का निर्देश भी दिया है। एनएचआरसी ने अपनी टिप्पणी में कहा कि अगर मीडिया में आई खबरें सही हैं, तो यह पीड़ित छात्राओं के मानवाधिकारों का एक गंभीर उल्लंघन है। आयोग मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत स्थापित एक स्वायत्त संस्था है, जिसका मुख्य कार्य देश में मानवाधिकारों की रक्षा और उन्हें बढ़ावा देना है।
इनपुट: IANS



