महाराष्ट्र: 1100 किलो गांजे की तस्करी में दो दोषियों को 10 साल की सज़ा, ट्रक भी ज़ब्त
महाराष्ट्र की एक विशेष अदालत ने अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी के एक बड़े मामले में दो लोगों को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल की कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, दोनों दोषियों पर…
महाराष्ट्र की एक विशेष अदालत ने अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी के एक बड़े मामले में दो लोगों को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल की कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा नवंबर 2021 में की गई 1,127 किलोग्राम गांजे की ज़ब्ती से जुड़े मामले में आया है।
यह कार्रवाई NCB की मुंबई ज़ोनल यूनिट ने एक विशेष सूचना के आधार पर 15 नवंबर, 2021 को की थी। टीम ने नांदेड़ ज़िले के मंजराम गांव में एक अशोक लेलैंड ट्रक को रोका था। तलाशी लेने पर औद्योगिक लोहे की छड़ों के नीचे 49 बोरों में छिपाकर रखे गए गांजे के 112 पैकेट बरामद हुए, जिनका कुल वज़न 1,127 किलोग्राम था।
मामले की जांच और पृष्ठभूमि
NCB की जांच में यह बात सामने आई कि गांजे की यह बड़ी खेप आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम ज़िले के अंकमपल्ली से लोड की गई थी और इसे महाराष्ट्र के जलगांव ले जाया जा रहा था। एजेंसी ने ट्रक के मालिक और ड्राइवर, औरंगाबाद निवासी गोकुल नारायण राजपूत (32), और सह-चालक, जलगांव निवासी सुनील यादव महाजन (35) को मौके से गिरफ्तार किया था।
जांच में यह भी पता चला कि राजपूत पर पहले से ही हत्या के प्रयास और अपहरण जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। हैरान करने वाली बात यह थी कि जिस ट्रक का इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा था, उसे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) पहले ही ब्लैकलिस्ट कर चुका था, इसके बावजूद उसका अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहा था।
अदालत का फैसला
मामले की सुनवाई नांदेड़ ज़िले के बिलोली स्थित विशेष NDPS कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष ने अदालत में यह साबित किया कि दोनों आरोपी जानबूझकर व्यावसायिक मात्रा में गांजा अपने पास रखे हुए थे और वे इसका कोई संतोषजनक कारण नहीं बता सके। एडिशनल सेशंस जज ने दोनों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया। सज़ा के साथ-साथ अदालत ने तस्करी में इस्तेमाल हुए ट्रक को भी ज़ब्त करने का आदेश दिया है। NCB ने इस फैसले को ड्रग तस्करी नेटवर्क को खत्म करने की अपनी प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया है।
इनपुट: IANS



