तेलंगाना: मुख्यमंत्री राहत कोष से जुड़ा काम कराने के लिए रिश्वत, सचिवालय कर्मचारी समेत दो गिरफ्तार
तेलंगाना की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक रिश्वतखोरी के मामले में दो सरकारी कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आरोपियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से…
तेलंगाना की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक रिश्वतखोरी के मामले में दो सरकारी कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आरोपियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से जुड़े एक काम को करने के बदले 1 लाख रुपये की घूस ली थी।
गिरफ्तार किए गए लोगों में एक हैदराबाद सचिवालय में आउटसोर्सिंग पर काम करने वाला कर्मचारी आनंदेशी राघवेंदर और दूसरा तेलंगाना राज्य औद्योगिक विकास निगम (TSIIDC) में तैनात सीनियर असिस्टेंट मेडी विनोद है। एसीबी द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि ये दोनों एक शिकायतकर्ता से उसके मेडिकल बिलों की प्रतिपूर्ति (रीइम्बर्समेंट) के दावों को प्रोसेस करने और मंजूरी दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहे थे।
कैसे रंगे हाथों पकड़े गए?
जांच में यह बात सामने आई कि मुख्य आरोपी राघवेंदर ने दूसरे आरोपी विनोद के ज़रिए पहले ही 5,000 रुपये की शुरुआती रिश्वत फ़ोन-पे पर ले ली थी। इसके बाद, जब शिकायतकर्ता ने 1 लाख रुपये नकद दिए, तो विनोद ने यह रकम लेकर राघवेंदर को सौंप दी। एसीबी की टीम ने यही नकदी राघवेंदर के पास से बरामद की।
एसीबी के मुताबिक, दोनों कर्मचारियों ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए बेईमानी से अनुचित लाभ हासिल करने की कोशिश की। दोनों आरोपियों को नामपल्ली स्थित विशेष न्यायाधीश (एसपीई और एसीबी मामले) की अदालत में न्यायिक रिमांड के लिए पेश किया जा रहा है। मामले में आगे की जांच अभी जारी है।
लोगों से एसीबी की अपील
एसीबी ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी उनसे रिश्वत मांगता है तो वे इसकी सूचना टोल-फ्री नंबर 1064 पर दें। इसके अलावा, शिकायतकर्ता व्हाट्सएप नंबर 9440446106, फेसबुक या एक्स के माध्यम से भी संपर्क कर सकते हैं। एजेंसी ने भरोसा दिलाया है कि शिकायत करने वाले की पहचान और जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।
इनपुट: IANS



