छत्तीसगढ़: बीजापुर के जंगलों में सुरक्षाबलों का बड़ा अभियान, नक्सलियों के विस्फोटक और हथियार बरामद
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने माओवादियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के अलग-अलग इलाकों में चलाए गए नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक…
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने माओवादियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के अलग-अलग इलाकों में चलाए गए नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए गए, जिससे नक्सलियों की बड़ी साजिशों को नाकाम कर दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और सुरक्षा बल जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता ने जानकारी दी कि इन ऑपरेशनों के दौरान माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए डंप से विस्फोटक सामग्री, बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (BGL) के पुर्जे और अन्य संदिग्ध सामान मिले हैं। इन कार्रवाइयों का मुख्य उद्देश्य माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाना और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
अलग-अलग इलाकों में तीन बड़ी बरामदगी
ताड़पाल पहाड़ी क्षेत्र: गुरुवार को हुई एक कार्रवाई में, सीआरपीएफ की 196वीं बटालियन ने ताड़पाल पहाड़ी में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान पत्थरों और जमीन के नीचे छिपाए गए 105 BGL राउंड कंपोनेंट्स, 1 BGL नोज, 2 लोहे के पाइप, 1 एल्युमिनियम का पतीला और लेथ मशीन का एक हैंडल जब्त किया गया।
इंडरीपाल के जंगल: इससे पहले 5 सितंबर को डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और मिरतुर थाने की संयुक्त टीम ने इंडरीपाल के जंगलों में एक माओवादी डंप का पता लगाया। यहाँ से 2 ग्रेनेड और 5 तीर बम बरामद हुए, जिन्हें बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मौके पर ही नष्ट कर दिया।
डुमरीपलनर का जंगल: एक अन्य अभियान में, 6 सितंबर को डीआरजी और मिरतुर पुलिस की टीम ने डुमरीपलनर के जंगल से 7 बंडल नॉन-इलेक्ट्रिक वायर और 6 डेटोनेटर बरामद किए। सुरक्षाबलों की इन कार्रवाइयों से जंगलों में छिपाए गए विस्फोटकों को लगातार खोजा जा रहा है।
इनपुट: IANS



