पूर्वी चंपारण: नेपाल कनेक्शन वाले डकैत गिरोह का पर्दाफाश, 15.5 लाख कैश समेत चार गिरफ्तार
बिहार के पूर्वी चंपारण में पुलिस ने एक बड़े अंतरजिला डकैत गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार सीतामढ़ी से लेकर नेपाल तक जुड़े हुए थे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों…
बिहार के पूर्वी चंपारण में पुलिस ने एक बड़े अंतरजिला डकैत गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार सीतामढ़ी से लेकर नेपाल तक जुड़े हुए थे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से 15.50 लाख रुपये नकद, हथियार और भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए हैं। यह गिरोह पिछले कुछ महीनों से सिकरहना अनुमंडल क्षेत्र में सक्रिय था।
पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों की पहचान मोहम्मद सफीक मंसूरी उर्फ बंठा, मोहम्मद तनवीर शेख, शंभु पासवान उर्फ मोगल और अमरनाथ ठाकुर के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक, सफीक इस गिरोह का सरगना है और उस पर डकैती, चोरी, आर्म्स एक्ट और NDPS एक्ट समेत 10 मामले पहले से ही दर्ज हैं।
कैसे हुआ खुलासा?
इस मामले की जांच 30 अगस्त को ढाका थाना क्षेत्र के मठिया मोहन गांव में हुई एक डकैती के बाद तेज हुई। मनोज कुमार शर्मा के घर पर हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने एक एसआईटी का गठन किया था। जांच के दौरान पुलिस को सुराग मिला कि अपराधी सीतामढ़ी के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं और उनका हाल ही में जेल से रिहा हुए मोहम्मद सफीक मंसूरी से संबंध है। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर सफीक ने सिकरहना अनुमंडल में हुई पांच डकैतियों में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली और अपने साथियों के नाम भी बताए।
बरामदगी और आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तार सदस्यों की निशानदेही पर पुलिस ने लूटे गए करीब 15.50 लाख रुपये, चांदी के जेवरात, एक पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और 2.107 किलोग्राम चरस जैसा नशीला पदार्थ बरामद किया है। इसके अलावा, डकैती के पैसों से खरीदी गई एक R-15 मोटरसाइकिल और वारदात में इस्तेमाल होने वाला लोहे का रॉड भी जब्त किया गया है।
गिरोह के अन्य सदस्यों का भी लंबा आपराधिक इतिहास है:
- मोहम्मद तनवीर शेख के खिलाफ सीतामढ़ी और दरभंगा में 11 मामले दर्ज हैं।
- शंभु पासवान पर चार मामले दर्ज हैं।
- अमरनाथ ठाकुर लूटे गए जेवरात को खरीदने और बेचने का काम करता था।
पूछताछ में यह भी पता चला है कि गिरोह डकैती से मिले पैसों को जमीन, हथियार और नशीले पदार्थों के कारोबार में लगाता था।
वारदात का अनोखा तरीका
सिकरहना के एसडीपीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करता था। अपराधी शाम को सीतामढ़ी से ट्रेन पकड़कर मोतिहारी आते थे और पहले से तय किए गए घर के पास खेतों में छिप जाते थे। आधी रात को डकैती को अंजाम देने के बाद वे सुबह तक फिर खेतों में छिपे रहते और फिर ट्रेन से ही वापस लौट जाते थे। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह में करीब 10 लोग शामिल हैं, जिनमें से चार पकड़े जा चुके हैं और बाकी की तलाश जारी है।
इनपुट: IANS



