लोन धोखाधड़ी: ED के दो बड़े एक्शन, बिहार से लेकर दक्षिण भारत तक 12 ठिकानों पर छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को लोन धोखाधड़ी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने बिहार, दिल्ली-एनसीआर से लेकर कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद तक कुल 12 जगहों पर तलाशी…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को लोन धोखाधड़ी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने बिहार, दिल्ली-एनसीआर से लेकर कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद तक कुल 12 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। ये कार्रवाइयां बैंकों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और फंड की हेराफेरी के आरोपों की जांच के सिलसिले में की गईं।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पहला मामला बिहार के गया स्थित मेसर्स रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड (RHRL) से जुड़ा है। इस मामले में ईडी की पटना टीम ने दिल्ली, गुरुग्राम और गया में कुल 9 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे। कंपनी पर बैंकों के एक समूह से मिले 85 करोड़ रुपये के लोन में से 58 करोड़ रुपये के दुरुपयोग का आरोप है।
बिहार में होटल ग्रुप पर 58 करोड़ की हेराफेरी का आरोप
ईडी की जांच में सामने आया है कि होटल कंपनी, जिसे अखौरी गोपाल और उनके बेटे निशांत व नितेश नियंत्रित करते हैं, ने अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) द्वारा दी गई फर्जी प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर यह रकम हासिल की थी। लोन के लिए अखौरी गोपाल और उनके परिवार ने व्यक्तिगत गारंटी भी दी थी। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, इस मामले में अपराध से हुई कमाई (POC) लगभग 131.79 करोड़ रुपये आंकी गई है।
एजेंसी को यह भी पता चला है कि समूह की एक संबंधित कंपनी की 5 संपत्तियां, जो पहले से ही टाटा मोटर्स लिमिटेड के पास गिरवी रखी थीं, उन्हें हाल ही में बहुत कम कीमत पर बेच दिया गया। बिक्री को नकद भुगतान के रूप में दिखाया गया। जांच में शक है कि इन संपत्तियों के खरीदार कम आय वाले लोग हैं और वे अखौरी गोपाल के ही प्रॉक्सी (बेनामीदार) हैं, ताकि ईडी की कार्रवाई से पहले संपत्तियों को ठिकाने लगाया जा सके।
कोलकाता, चेन्नई समेत कई शहरों में भी ED की दबिश
वहीं, एक अन्य मामले में ईडी के कोलकाता कार्यालय ने भी तीन जगहों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई ओडिशा के ARSS ग्रुप और AMR/AMRL ग्रुप से जुड़ी है। इन समूहों पर एसआरईआई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड (SIFL) और एसआरईआई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड (SEFL) से धोखाधड़ी कर लोन लेने और फिर उसे न चुकाने का आरोप है।
इस मामले में फंड की 'एवरग्रीनिंग' (पुराने लोन चुकाने के लिए नया लोन लेना), फंड को दूसरी जगह लगाने और राउंड-ट्रिपिंग जैसी वित्तीय अनियमितताओं का भी संदेह है। इसी सिलसिले में कोलकाता, चेन्नई, बैंगलोर और हैदराबाद में स्थित ठिकानों पर छापेमारी की गई।
इनपुट: IANS



