बालाघाट: कुएं में मोटर पंप सुधारने उतरे दो किसानों की जहरीली गैस से मौत, पांच घंटे चला बचाव अभियान
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एक कुएं से निकलने वाली जहरीली गैस ने दो किसानों की जान ले ली। यह दर्दनाक हादसा गुरुवार शाम को उस वक्त हुआ जब एक किसान मोटर पंप ठीक करने के लिए कुएं में उतरा और बेहोश हो
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एक कुएं से निकलने वाली जहरीली गैस ने दो किसानों की जान ले ली। यह दर्दनाक हादसा गुरुवार शाम को उस वक्त हुआ जब एक किसान मोटर पंप ठीक करने के लिए कुएं में उतरा और बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए कुएं में उतरे उसके दोस्त की भी दम घुटने से मौत हो गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, बचाव दल को शवों को बाहर निकालने में करीब पांच घंटे का समय लगा।
घटना जिले के किरनापुर थाना क्षेत्र के पिपरटोला गांव की है। पुलिस ने बताया कि 45 वर्षीय महेश चौधरी अपने दोस्त युवराज बिसेन के घर के पीछे बने लगभग 50 फीट गहरे कुएं में उतरे थे। कुएं में उतरते ही ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस के कारण वह बेहोश होकर गिर पड़े।
बचाने की कोशिश में दूसरे की भी गई जान
अपने दोस्त को मुसीबत में देख युवराज बिसेन भी उसे बचाने के लिए तुरंत कुएं में उतर गए, लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए। इससे पहले कि कोई मदद पहुंच पाती, दोनों ने कुएं के अंदर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर किरनापुर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात की गंभीरता को देखते हुए बालाघाट से राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDERF) की टीम को बुलाया गया।
SDERF के करण सिंह वाल्के ऑक्सीजन सिलेंडर और सुरक्षा मास्क जैसे उपकरणों के साथ कुएं में उतरे। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रस्सियों के सहारे दोनों शवों को रात 10 से 10:30 बजे के बीच बाहर निकाला जा सका। किरनापुर थाना प्रभारी राजकुमार चौधरी के अनुसार, पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
जिले में दो हफ्तों में तीसरी ऐसी घटना
यह घटना बालाघाट जिले में पिछले करीब दो हफ्तों में कुएं में जहरीली गैस से हुई मौत की तीसरी घटना है। इससे पहले 25 जून को सितकुटोला गांव में एक 50 वर्षीय व्यक्ति की और 8 जुलाई को मरारीटोला गांव में भी एक व्यक्ति की इसी तरह के हादसे में जान जा चुकी है।
इनपुट: IANS



