शनिवार, 18 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
मध्यप्रदेश

शिवपुरी: 500 साल पुरानी, 3000 किलो की तोप किले से चोरी, अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह पर शक

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित ऐतिहासिक नरवर किले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 15 और 16 जुलाई की दरमियानी रात करीब 25-30…

शिवपुरी: 500 साल पुरानी, 3000 किलो की तोप किले से चोरी, अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह पर शक
(फोटो: IANS)

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित ऐतिहासिक नरवर किले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 15 और 16 जुलाई की दरमियानी रात करीब 25-30 हथियारबंद बदमाश किले में रखी एक बेशकीमती तोप चुरा ले गए। यह तोप लगभग 500 साल पुरानी थी और इसका वजन करीब 3,000 किलोग्राम था।

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सिंधिया राजवंश के समय की यह तोप 'अष्टधातु' (आठ धातुओं का मिश्रण) से बनी थी, जिसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत अधिक है। किले के खुले कचहरी परिसर में कुल 14 तोपें रखी थीं, जिनमें से चोर एक तोप उठाने में कामयाब रहे। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पुलिस को शक है कि इसके पीछे पुरानी कीमती वस्तुओं की तस्करी करने वाले किसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हाथ हो सकता है।

सुनियोजित चोरी और सुरक्षा में चूक

कराइरा के सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर प्रशांत शर्मा ने IANS को बताया कि बदमाश पूरी तैयारी के साथ आए थे। उन्होंने अंधेरे का फायदा उठाया और किले में घुसने के लिए पिछले रास्ते का इस्तेमाल किया। इतनी भारी तोप को ले जाने के लिए वे अपने साथ क्रेन और ट्रक जैसे वाहन भी लाए थे, जो एक सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करता है।

घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्ड बालकिशन ने बताया कि बदमाशों का एक बड़ा समूह अचानक आ धमका, जिनके पास आधुनिक हथियार थे। गार्ड के अनुसार, उनके पास आत्मरक्षा के लिए सिर्फ 'लाठियां' थीं और इलाके में रोशनी की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। अपनी जान को खतरा देख उन्हें पीछे हटना पड़ा। हालांकि, पुलिस अधिकारी प्रशांत शर्मा ने इस बात से इनकार किया कि गार्ड को हथियारों के बल पर काबू में किया गया। उन्होंने कहा, "हो सकता है कि गार्ड ड्यूटी पर न हो। अगर उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी होती, तो शायद यह घटना न होती।"

जांच और पुलिस का पक्ष

इस घटना की आलोचना इसलिए भी हो रही है क्योंकि चोरी से लगभग 12 दिन पहले किले के आसपास संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर इसे गंभीरता से नहीं लिया। फिलहाल, पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी के अनुसार, "हम सीसीटीवी फुटेज, वाहनों की आवाजाही और स्थानीय संपर्कों की जांच कर रहे हैं। दोषियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।" इस चोरी को सिर्फ एक कीमती वस्तु का नुकसान नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध विरासत पर एक बड़ा आघात माना जा रहा है।

इनपुट: IANS

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News4Social मध्य प्रदेश डेस्क

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