कोलकाता जेल: आतंकी आफताब अंसारी की बैरक से मोबाइल, राउटर बरामद, पाकिस्तान कनेक्शन की जांच
साल 2002 में कोलकाता स्थित अमेरिकी केंद्र पर हुए हमले के मास्टरमाइंड आफताब अंसारी की जेल बैरक से कई मोबाइल फोन और इंटरनेट उपकरण बरामद होने के बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। समाचार एजेंसी IANS के…
साल 2002 में कोलकाता स्थित अमेरिकी केंद्र पर हुए हमले के मास्टरमाइंड आफताब अंसारी की जेल बैरक से कई मोबाइल फोन और इंटरनेट उपकरण बरामद होने के बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अंसारी की बैरक से जब्त किए गए सभी उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उम्रकैद की सजा काट रहा यह आतंकी जेल के अंदर से किन गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।
यह मामला तब सामने आया जब शहर पुलिस के जासूसी विभाग को खुफिया जानकारी मिली कि अंसारी की बैरक से लगातार मोबाइल फोन का इस्तेमाल हो रहा है। इसके बाद शुक्रवार रात को दक्षिण कोलकाता के प्रेसिडेंसी सेंट्रल करेक्शनल होम में अचानक छापेमारी की गई।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान अंसारी के कपड़ों और बिस्तर से कई आपत्तिजनक वस्तुएं मिलीं। इनमें सक्रिय इंटरनेट कनेक्शन वाले तीन मोबाइल फोन, दो राउटर, एक वाई-फाई डिवाइस, दो कार्ड रीडर, एक पेन ड्राइव और ईयरफोन शामिल हैं। इसके अलावा, 31,000 रुपए की नकदी भी बरामद हुई, जो सभी 500 रुपए के नोटों में थी।
जांच के कई अहम पहलू
जांचकर्ता अब इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि ये प्रतिबंधित सामान एक कुख्यात आतंकवादी की बैरक तक कैसे पहुंचे। जासूसों का दावा है कि कुछ कॉल पाकिस्तान के एक नंबर पर भी की गई थीं। अंसारी के फोन में व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल बातचीत के लिए किया जाता था। अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या अंसारी किसी आतंकी संगठन के साथ मिलकर कोई नई साजिश रच रहा था या जेल से भागने की फिराक में था।
इस संबंध में स्थानीय हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के दायरे में अंसारी से मिलने आने वाले लोग, उसके संपर्क में रहने वाले अन्य कैदी और जेल के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं। फिलहाल, आफताब अंसारी की बैरक की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और उससे जेल के अंदर ही पूछताछ जारी है। अंसारी कभी 'आसिफ रजा कमांडो' नामक संगठन का संचालक था, जिसके संबंध हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी और जैश-ए-मोहम्मद जैसे पाकिस्तानी आतंकी संगठनों से रहे हैं।
इनपुट: IANS



