बुधवार, 19 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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मणिपुर: जनगणना से पहले NRC की मांग को लेकर घाटी में हड़ताल, सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त

मणिपुर में 2027 की जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को अपडेट करने की मांग को लेकर बुलाई गई 48 घंटे की हड़ताल के कारण बुधवार को भी इंफाल घाटी में सामान्य जनजीवन ठप रहा। समाचार एजेंसी IANS…

मणिपुर: जनगणना से पहले NRC की मांग को लेकर घाटी में हड़ताल, सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त
(फोटो: IANS)

मणिपुर में 2027 की जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को अपडेट करने की मांग को लेकर बुलाई गई 48 घंटे की हड़ताल के कारण बुधवार को भी इंफाल घाटी में सामान्य जनजीवन ठप रहा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बंद का आह्वान 'कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डेलिमिटेशन' (JFD) ने किया है, जिसका कई छात्र, महिला और नागरिक संगठन समर्थन कर रहे हैं।

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सोमवार आधी रात से शुरू हुई इस हड़ताल का असर बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी इंफाल घाटी के छह जिलों — इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, थौबल, बिष्णुपुर, काकचिंग और जिरीबाम — में देखने को मिला। इन इलाकों में ज्यादातर दुकानें, बाजार, शिक्षण संस्थान और सरकारी दफ्तर बंद रहे, वहीं सार्वजनिक परिवहन न चलने से सड़कें सुनसान रहीं। हालांकि, चूड़ाचांदपुर और कांगपोकपी जैसे पहाड़ी जिलों में इस बंद का कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

विरोध प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई

हड़ताल को लागू कराने के लिए JFD कार्यकर्ताओं ने इंफाल ईस्ट और वेस्ट जिलों में कई जगहों पर टायर जलाए और बांस-पत्थरों से रास्ते बंद कर दिए। प्रदर्शनकारियों ने "नो एनआरसी, नो सेंसस" जैसे नारों वाले पोस्टर भी लगाए। इसी दौरान, इंफाल में जनगणना संचालन निदेशालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

सरकार का पक्ष और आश्वासन

मणिपुर सरकार ने कहा है कि वह NRC अपडेट करने की मांग का समर्थन करती है और इस मुद्दे को लगातार केंद्र के समक्ष उठा रही है। सरकार के प्रवक्ता नित्याइपत चुथेख और भाजपा विधायक सपम रंजन सिंह ने बताया कि राज्य विधानसभा ने 5 अगस्त 2022 और फिर 1 मार्च 2024 को राज्य में NRC लागू करने का प्रस्ताव पारित किया था।

सिंह ने कहा कि यह मामला सरकार के लिए लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही विधायकों की एक टीम दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से इस प्रक्रिया को शुरू करने का आग्रह करेगी। उन्होंने इसे राज्य के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सामूहिक रूप से हल करने पर जोर दिया। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कहा कि केंद्र इस पर सकारात्मक कदम उठाएगा।

यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य में जनगणना-2027 की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 17 अगस्त से 'सेल्फ-एन्यूमरेशन' का काम शुरू हो गया है, जबकि जनगणना कर्मियों द्वारा 'हाउस-लिस्टिंग' का मुख्य काम 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच किया जाएगा।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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