बंबीहा गैंग को मलेशिया में बड़ा झटका, पंजाब पुलिस ने 3 वांटेड अपराधियों को भारत लाकर किया गिरफ्तार
पंजाब पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय दविंदर बंबीहा गैंग के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने मलेशिया में छिपे गिरोह के तीन प्रमुख सदस्यों को…
पंजाब पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय दविंदर बंबीहा गैंग के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने मलेशिया में छिपे गिरोह के तीन प्रमुख सदस्यों को प्रत्यर्पित कराकर भारत में गिरफ्तार कर लिया है। इन अपराधियों पर हत्या, वसूली और लुधियाना में हैंड ग्रेनेड विस्फोट की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान फरीदकोट निवासी जसप्रीत सिंह उर्फ बहबल और राजस्थान के गंगानगर के रहने वाले अजय सिंह व पवनदीप सिंह के रूप में हुई है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि इन तीनों को मलेशिया से निर्वासित होने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें आगे की जांच के लिए पंजाब लाया गया है।
कई महीनों की निगरानी का नतीजा
यह कार्रवाई पंजाब पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस विंग के 'विदेशी भगोड़े ट्रैकिंग और प्रत्यर्पण प्रकोष्ठ' (OFTEC) ने केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से की। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (काउंटर इंटेलिजेंस) अमित प्रसाद ने बताया कि यह गिरफ्तारी पिछले कई महीनों से चल रहे खुफिया ऑपरेशन का नतीजा है, जिसके तहत विदेश में बैठे भगोड़े अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इसी निगरानी के चलते उनका मलेशिया से भारत निर्वासन संभव हो पाया।
अपराध और गिरोह में भूमिका
पुलिस महानिरीक्षक (OFTEC) आशीष चौधरी के अनुसार, जसप्रीत सिंह 2019 में मलेशिया पहुंचा था, जहां वह एक भगोड़े अपराधी के संपर्क में आने के बाद बंबीहा गैंग में शामिल हुआ और एक मुख्य संचालक बन गया। उसे पहले यादविंदर सिंह और जीवनजोत सिंह चहल के ड्राइवर की 2025 की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
वहीं, अजय सिंह और पवनदीप सिंह भी गिरोह के मुख्य संचालक थे। उन्हें 2025 में लुधियाना में ब्लास्ट करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन लुधियाना पुलिस ने उन्हें एक चीनी हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार कर लिया था। इन मामलों के तार पाकिस्तान की ISI से भी जुड़े बताए गए हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर विदेश में बैठे अपराधियों के प्रत्यर्पण में तेजी लाने के लिए OFTEC का गठन किया गया था।
इनपुट: IANS



