बुधवार, 19 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
देश

कर्नाटक: आदिवासी कल्याण घोटाले पर घमासान, भाजपा ने मंत्री नागेंद्र का इस्तीफा मांगा

कर्नाटक के जनजातीय कल्याण विभाग से जुड़े एक कथित घोटाले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। विधानसभा में नेता…

कर्नाटक: आदिवासी कल्याण घोटाले पर घमासान, भाजपा ने मंत्री नागेंद्र का इस्तीफा मांगा
(फोटो: IANS)

कर्नाटक के जनजातीय कल्याण विभाग से जुड़े एक कथित घोटाले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने बुधवार को दावा किया कि भाजपा इस बार भी मंत्री का इस्तीफा लेकर रहेगी, ठीक वैसे ही जैसे पहले एक आंदोलन के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।

विज्ञापन

समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए आर. अशोक ने कहा, "हमने पहले भी आंदोलन करके नागेंद्र का इस्तीफा दिलवाया था। इस बार भी उनका इस्तीफा लेकर रहेंगे।" यह मामला कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में हुए 187 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़ा है, जिसकी जांच सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं।

घोटाले के आरोप और फंड ट्रांसफर का दावा

भाजपा का आरोप है कि निगम के 187 करोड़ रुपये अवैध रूप से ट्रांसफर किए गए। आर. अशोक ने दावा किया कि इसमें से 1.2 करोड़ रुपये सीधे मंत्री नागेंद्र के खाते में जमा हुए, जबकि बाकी रकम उनके रिश्तेदारों और करीबियों के खातों में भेजी गई। उन्होंने कहा कि सीबीआई की चार्जशीट में इसका पूरा ब्योरा है कि कैसे यह पैसा करीब 600 अलग-अलग खातों में बांटा गया था। अशोक ने सवाल उठाया, "क्या मंत्री की जानकारी के बिना सरकारी पैसा इतने सारे खातों में भेजा जा सकता है?"

दलित कार्ड और पलटवार

इस मामले पर मंत्री बी. नागेंद्र ने विपक्ष पर पलटवार किया है। उन्होंने विधानसभा में कहा कि 'मनुवादी' ताकतें एक दलित एवं आदिवासी नेता को मंत्रिमंडल से हटाने की साजिश कर रही हैं। नागेंद्र ने यह भी कहा कि जब सरकार इस मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है, तो विपक्ष लगातार इस्तीफे पर क्यों अड़ा है? वहीं, भाजपा ने दलित कार्ड खेलने के आरोप को खारिज कर दिया। आर. अशोक ने कहा, "कांग्रेस दूसरे एसटी नेताओं को मंत्री बनाए। ऐसे चार नेता हैं। उन्हें मंत्री बनाएं। यहां दलित कार्ड नहीं खेलना चाहिए।"

केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर सवाल

नागेंद्र ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच को राजनीति से प्रेरित बताया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आर. अशोक ने कहा कि ये एजेंसियां दशकों से काम कर रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि बिना जांच के सीबीआई हजारों पन्नों की चार्जशीट कैसे दाखिल कर सकती है और नागेंद्र जेल कैसे गए? अशोक ने पूर्व भाजपा मंत्री के.एस. ईश्वरप्पा का उदाहरण देते हुए कहा कि सीआईडी से क्लीन चिट मिलने के बाद भी उन्हें तुरंत कैबिनेट में वापस नहीं लिया गया था। उन्होंने कहा कि नागेंद्र को सिर्फ जांच एजेंसी से नहीं, बल्कि अदालत से क्लीन चिट लानी चाहिए। भाजपा ने साफ किया है कि जब तक नागेंद्र इस्तीफा नहीं देते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

इनपुट: IANS

N

News4Social नेशनल डेस्क

News4Social नेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →