बुधवार, 19 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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झारखंड परीक्षा घोटाला: बाबूलाल मरांडी ने CID जांच पर उठाए सवाल, बोले - CBI ही करे निष्पक्ष पड़ताल

झारखंड में लोक सेवा आयोग (JPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कई परीक्षाओं के रद्द होने के बाद राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है। राज्य के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मामले की CID जांच की…

झारखंड परीक्षा घोटाला: बाबूलाल मरांडी ने CID जांच पर उठाए सवाल, बोले - CBI ही करे निष्पक्ष पड़ताल
(फोटो: IANS)

झारखंड में लोक सेवा आयोग (JPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कई परीक्षाओं के रद्द होने के बाद राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है। राज्य के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मामले की CID जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए एक बार फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की अपनी मांग दोहराई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मरांडी ने विशेष रूप से 11वीं-13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित धांधली और इंटरव्यू बोर्ड को प्रभावित करने के आरोपों पर सरकार को घेरा है।

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बाबूलाल मरांडी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए दावा किया कि टीडीपीएल एजेंसी से जुड़े रामवीर सिंह और अभय तिवारी ने अपने बयानों में यह बात कही है कि 11वीं-13वीं JPSC परीक्षा में इंटरव्यू बोर्ड को 'सेट' किया गया था। उनके मुताबिक, रामवीर सिंह ने यह भी स्वीकार किया है कि तत्कालीन JPSC अध्यक्ष और सदस्य कोड डिकोड करके अपने पसंदीदा अभ्यर्थियों को अपने ही इंटरव्यू बोर्ड में बुलाते थे।

जांच एजेंसी की भूमिका पर सवाल

मरांडी ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इंटरव्यू में इस तरह की हेराफेरी हुई, तो उस बोर्ड में शामिल सभी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इंटरव्यू बोर्ड में खुद CID के एडीजी मनोज कौशिक समेत कई आईपीएस अधिकारी शामिल थे। उनका सीधा सवाल है कि जब जांच एजेंसी के ही अधिकारी कथित तौर पर उस प्रक्रिया का हिस्सा रहे हों, तो वही एजेंसी मामले की निष्पक्ष जांच कैसे कर सकती है?

इसी आधार पर उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से यह पूरा मामला CBI को सौंपने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब साक्षात्कार को मैनेज करने के आरोप लगे हैं, तो बोर्ड के सभी सदस्यों के बयान दर्ज होने चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

"सिर्फ़ परीक्षा रद्द करना काफ़ी नहीं"

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार की अधिसूचना में CID जांच के आधार पर ही परीक्षाओं में अनियमितता की बात मानी गई है और इसी मामले में JPSC के अध्यक्ष की गिरफ्तारी भी हुई है। ऐसे में उन्होंने सवाल किया कि JSSC के प्रभारी अध्यक्ष प्रशांत कुमार के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? मरांडी ने ज़ोर देकर कहा कि सिर्फ़ परीक्षाएं रद्द कर देना ही काफी नहीं है। इस कथित घोटाले में शामिल लोगों की पहचान करने और दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए एक विश्वसनीय और निष्पक्ष जांच बेहद ज़रूरी है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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