बुधवार, 19 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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कावेरी अभयारण्य: शिकारियों से मुठभेड़ के बाद शिकार-रोधी कैंपों पर जिलेटिन हमला, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

कर्नाटक के कावेरी वन्यजीव अभयारण्य (Cauvery Wildlife Sanctuary) में तैनात वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा हो गई हैं। हाल ही में तीन संदिग्ध शिकारियों के साथ हुई मुठभेड़…

कावेरी अभयारण्य: शिकारियों से मुठभेड़ के बाद शिकार-रोधी कैंपों पर जिलेटिन हमला, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
(फोटो: IANS)

कर्नाटक के कावेरी वन्यजीव अभयारण्य (Cauvery Wildlife Sanctuary) में तैनात वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा हो गई हैं। हाल ही में तीन संदिग्ध शिकारियों के साथ हुई मुठभेड़ के ठीक बाद, अज्ञात बदमाशों ने जिलेटिन विस्फोटकों का उपयोग करके शिकार-रोधी कैंपों (Anti-Poaching Camps) को निशाना बनाया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मामले का संज्ञान लिया है और वन मंत्री को जांच की निगरानी करने का निर्देश दिया है।

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यह घटनाक्रम उस मुठभेड़ के बाद सामने आया है जो हनूर के पास के जंगलों में हुई थी, जिसमें तीन कथित शिकारी मारे गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, विस्फोट भी उसी दिन, यानी 15 अगस्त को हुए, लेकिन इसका पता तीन दिन बाद चल सका। इस हमले ने इलाके में काम कर रहे वन कर्मियों के बीच तनाव बढ़ा दिया है।

जांच के दायरे में कई सवाल

अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इन विस्फोटों का संबंध हालिया मुठभेड़ से है। वन अधिकारियों ने बताया कि होलेमुरुदट्टी, मिंचिनारेहल्ला और नाला बोली में स्थित कैंपों को निशाना बनाया गया। इनमें से एक कैंप पर जिलेटिन स्टिक से हमला किया गया, जबकि सात अन्य कैंपों में तोड़फोड़ की गई। गनीमत रही कि विस्फोटों के समय कैंपों में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

बेंगलुरु में बुधवार को इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा, "मुझे भी कुछ जानकारी मिली है। वन मंत्री जांच की निगरानी कर रहे हैं। मैं इस दौरान कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हनूर गोलीबारी मामले की भी गहन जांच चल रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही सरकार विस्तृत जानकारी देगी। तमिलनाडु के शिकारियों के शामिल होने की आशंका पर उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही टिप्पणी करना उचित होगा।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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