प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अब होगी मुफ़्त, सरकार बना रही राष्ट्रीय ऑनलाइन कोचिंग प्लैटफ़ॉर्म
अगर आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं तो जल्द ही आपको महंगी कोचिंग से छुटकारा मिल सकता है। केंद्र सरकार एक ऐसा राष्ट्रीय ऑनलाइन मंच बनाने की दिशा में काम कर रही है, जहाँ युवाओं को मुफ़्…
अगर आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं तो जल्द ही आपको महंगी कोचिंग से छुटकारा मिल सकता है। केंद्र सरकार एक ऐसा राष्ट्रीय ऑनलाइन मंच बनाने की दिशा में काम कर रही है, जहाँ युवाओं को मुफ़्त में उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी योजना को ज़मीन पर उतारने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की।
इस पहल का ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में किया था। उन्होंने कहा था कि देश के डिजिटल ढांचे और प्रतिभाशाली शिक्षकों को एक साथ जोड़कर युवाओं के लिए मुफ़्त कोचिंग का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया जा सकता है। सरकार का यह कदम आर्थिक रूप से कमज़ोर और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत देने के मकसद से उठाया जा रहा है, जिनके लिए महंगी कोचिंग का खर्च उठाना मुश्किल होता है।
क्या मिलेगा इस नए प्लैटफ़ॉर्म पर?
शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि यह मंच सिर्फ़ स्टडी मटीरियल देने तक सीमित नहीं रहेगा। इसके बजाय, यह एक संपूर्ण समाधान होगा, जहाँ छात्रों को ये सुविधाएँ मिलेंगी:
- उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सामग्री: विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई प्रामाणिक और अपडेटेड पाठ्य सामग्री।
- विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन: देश के बेहतरीन शिक्षकों से सीधे सीखने और सवाल पूछने का मौका।
- व्यवस्थित तैयारी की योजना: परीक्षा पर केंद्रित एक अनुशासित और सुनियोजित तैयारी का पूरा खाका।
फिलहाल, आईआईटी-जेईई जैसी परीक्षाओं के लिए शिक्षा मंत्रालय आईआईटी प्रोफेसरों के लेक्चर ऑनलाइन उपलब्ध कराता है, लेकिन यह नई पहल कहीं ज़्यादा व्यापक होगी।
क्यों पड़ी इस पहल की ज़रूरत?
सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मौजूद आर्थिक असमानता को खत्म करना है। अक्सर छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएँ केवल इसलिए पीछे रह जाते हैं क्योंकि वे महानगरों जैसी महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस राष्ट्रीय मंच के ज़रिए सरकार की कोशिश है कि देश के हर कोने में मौजूद युवाओं को तैयारी के लिए समान अवसर मिलें और वे घर बैठे ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल कर सकें। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद शिक्षा मंत्रालय ने इस पर तेज़ी से काम शुरू कर दिया है।
इनपुट: IANS



