MMDR संशोधन बिल: नवीन पटनायक ने कहा- 'ओडिशा के हितों पर हमला, दिल्ली हमारे संसाधनों से अमीर बनेगी'
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (BJD) अध्यक्ष नवीन पटनायक ने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित 'खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन' यानी MMDR बिल का पुरजोर विरोध किया है। उन्होंने…
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (BJD) अध्यक्ष नवीन पटनायक ने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित 'खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन' यानी MMDR बिल का पुरजोर विरोध किया है। उन्होंने इसे राज्य की वित्तीय स्वायत्तता पर सीधा हमला बताते हुए कहा है कि इससे ओडिशा को हर साल हजारों करोड़ रुपए का राजस्व घाटा होगा और खनिज संसाधनों पर राज्य का नियंत्रण कमजोर पड़ जाएगा।
एक वीडियो संदेश में पटनायक ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार से सर्वदलीय बैठक और विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, उन्होंने कहा, "मैंने इस बिल का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।" उन्होंने जोर देकर कहा, "ओडिशा और वहां के लोगों के हितों से बड़ा कोई नहीं है। आज हमें किसी पार्टी के हित के लिए नहीं बल्कि अपनी धरती और अपने लोगों के हित के लिए एकजुट होना होगा।"
संशोधन से वित्तीय नुकसान की आशंका
पटनायक ने दावा किया कि इस संशोधन से ओडिशा को मिलने वाला टैक्स काफी कम हो जाएगा, जिससे हर साल हजारों करोड़ रुपए का नुकसान होगा। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या ओडिशा इतना बड़ा नुकसान झेल सकता है?" उन्होंने कहा कि इस पैसे का इस्तेमाल स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, सड़कें और अन्य विकास कार्यों के लिए किया जा सकता था।
अपने 24 साल के कार्यकाल का जिक्र करते हुए पटनायक ने कहा कि जब 2000 में उनकी सरकार बनी थी, तब राज्य की अर्थव्यवस्था खराब थी और उसे ओवरड्राफ्ट पर निर्भर रहना पड़ता था। हालांकि, 2024 में उनकी सरकार ने 50,000 करोड़ रुपए का राजस्व अधिशेष (Revenue Surplus) छोड़ा, जिसका श्रेय उन्होंने 'मजबूत वित्तीय प्रबंधन' को दिया। उन्होंने कहा, "इस तेज विकास में माइनिंग टैक्स (खनन कर) ने अहम भूमिका निभाई। वर्तमान में ओडिशा की अर्थव्यवस्था खतरे में है।"
राज्य के संसाधनों पर नियंत्रण का सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बात पर चिंता जताई कि ओडिशा में देश का सबसे बड़ा क्रोमाइट, बॉक्साइट, लौह अयस्क और कोयले का भंडार होने के बावजूद नए कानून से इन पर राज्य का नियंत्रण कमजोर होगा। उन्होंने कहा, "हम अपने लोगों की भलाई के लिए अपनी खदानों से टैक्स क्यों नहीं वसूल सकते? हमारे लोग धूल और धुएं का सामना करेंगे जबकि दिल्ली हमारे संसाधनों से अमीर बनेगी। हम ऐसा नहीं होने देंगे।"
पटनायक ने यह भी आरोप लगाया कि इस संशोधन बिल को संसद में बिना पर्याप्त चर्चा के पारित कर दिया गया और राज्यसभा में केवल BJD सांसदों ने ही इसका विरोध किया था। उन्होंने लोकसभा में राज्य के 20 भाजपा सांसदों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
अंत में उन्होंने अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा राज्यों की वित्तीय आजादी के हिमायती थे। उन्होंने घोषणा की, "यह धरती हमारी है। ये खदानें हमारी हैं। मैं अपने लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ूंगा। अपनी आखिरी सांस तक, ओडिशा और उसके लोगों के अधिकारों के लिए मेरी लड़ाई जारी रहेगी।"
इनपुट: IANS



