हैदराबाद: TIMS अस्पताल जाने से रोके गए BRS नेता हरीश राव, पुलिस ने घर में किया नजरबंद
हैदराबाद में बुधवार को भारत राष्ट्र समिति (BRS) के वरिष्ठ नेता और तेलंगाना विधानसभा में उपनेता टी. हरीश राव को पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कार्रवाई उन्हें…
हैदराबाद में बुधवार को भारत राष्ट्र समिति (BRS) के वरिष्ठ नेता और तेलंगाना विधानसभा में उपनेता टी. हरीश राव को पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कार्रवाई उन्हें सनतनगर स्थित तेलंगाना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (TIMS) जाने से रोकने के लिए की गई। हरीश राव के अलावा पार्टी के अन्य नेता सबिता इंद्रा रेड्डी और तलसानी श्रीनिवास यादव को भी नजरबंद किया गया।
यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब हरीश राव TIMS अस्पताल के लिए रवाना हो रहे थे, जिसका उद्घाटन 17 अगस्त को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने किया था। पुलिस ने उनके कोकापेट स्थित आवास के पास ही उनकी गाड़ी रोक दी, जिससे वहां तनाव की स्थिति बन गई। इस कार्रवाई के विरोध में BRS कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जिसके चलते उनकी पुलिस से झड़प भी हुई। खबर मिलते ही BRS विधायक सुधीर रेड्डी भी मौके पर पहुँच गए।
सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप
पूर्व मंत्री हरीश राव ने अपनी नजरबंदी की कड़ी आलोचना करते हुए इसे "नृशंस" बताया। उन्होंने कहा कि BRS शासनकाल में ही इस अस्पताल की नींव रखी गई थी और वह केवल वहां के संकाय (faculty) से मिलना चाहते थे। उन्होंने सवाल किया, "क्या मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को इस बात का डर है कि उनके दौरे से TIMS में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो जाएगा?"
हरीश राव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विपक्षी दलों की आवाज दबाने के लिए "अघोषित आपातकाल" और पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है। उनके अनुसार, यह गिरफ्तारी इसलिए की गई ताकि अस्पतालों की खराब हालत और सरकार की विफलताएं सामने न आ सकें।
अस्पताल निर्माण में देरी का मुद्दा
BRS नेताओं ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार जानबूझकर TIMS अस्पताल के निर्माण में देरी कर रही है। उनका आरोप है कि सरकार को डर है कि अगर अस्पताल पूरी तरह चालू हो गया तो इसका श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव को मिल जाएगा। नेताओं के मुताबिक, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण BRS सरकार ने शुरू किया था, लेकिन कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद यह ठंडे बस्ते में चला गया।
इनपुट: IANS



