बुधवार, 19 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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Gaja Capital IPO: निवेश से पहले जान लें ये 4 बड़े जोखिम, प्रॉस्पेक्टस में कंपनी ने खुद दी जानकारी

प्राइवेट इक्विटी फर्म गाजा कैपिटल (Gaja Capital) का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) मंगलवार को रिटेल निवेशकों के लिए खुल गया है। हालांकि, कंपनी ने बाजार नियामक सेबी के पास जमा किए गए अपने रेड हेरिंग…

Gaja Capital IPO: निवेश से पहले जान लें ये 4 बड़े जोखिम, प्रॉस्पेक्टस में कंपनी ने खुद दी जानकारी
(फोटो: IANS)

प्राइवेट इक्विटी फर्म गाजा कैपिटल (Gaja Capital) का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) मंगलवार को रिटेल निवेशकों के लिए खुल गया है। हालांकि, कंपनी ने बाजार नियामक सेबी के पास जमा किए गए अपने रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में कुछ ऐसे जोखिमों का खुलासा किया है, जिन पर निवेशकों को गौर करना चाहिए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन जोखिमों में कंपनी का कैश फ्लो निगेटिव होना और एक प्रमोटर का नाम RBI की डिफॉल्ट लिस्ट में शामिल होना जैसी गंभीर बातें शामिल हैं।

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ऑपरेशन से निगेटिव कैश फ्लो

कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक उसका कैश फ्लो है, जो हाल के वर्षों में नकारात्मक रहा है। RHP में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में ऑपरेशन से नेट कैश फ्लो -8.75 करोड़ रुपए था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर -14.98 करोड़ रुपए हो गया। यह स्थिति कंपनी के परिचालन से नकदी पैदा करने में आ रही मुश्किलों की ओर इशारा करती है।

ऑडिट से जुड़ी अहम जानकारी

प्रॉस्पेक्टस में ऑडिटर्स की एक टिप्पणी भी ध्यान खींचती है। ऑडिटर्स ने बताया कि कंपनी जिस अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करती है, उसमें ऑडिट ट्रेल (एडिट लॉग) की सुविधा तो है, लेकिन यह 1 अप्रैल 2025 से 27 अगस्त 2025 के बीच चालू नहीं थी। ऑडिट ट्रेल एक महत्वपूर्ण फीचर है जिससे खातों में किए गए किसी भी बदलाव का पता लगाया जा सकता है कि उसे कब और किसने किया। हालांकि, ऑडिटर्स ने यह भी साफ किया कि उन्हें जांच के दौरान ऑडिट ट्रेल फीचर के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ का कोई सबूत नहीं मिला है और कंपनी ने बाकी समय के लिए रिकॉर्ड को कानूनी जरूरतों के अनुसार सुरक्षित रखा है।

आय का अस्थिर स्रोत

कंपनी की आय का एक बड़ा हिस्सा 'कैरिड इंटरेस्ट' पर निर्भर है, जो इसकी कुल आय में बड़े उतार-चढ़ाव का कारण बन सकता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2023-24 में कुल आय में कैरिड इंटरेस्ट की हिस्सेदारी 17.69% थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 52.25% और वित्त वर्ष 2025-26 में 47.79% हो गई। इस पर अत्यधिक निर्भरता आय की स्थिरता को लेकर सवाल खड़े करती है।

प्रमोटर का नाम डिफॉल्ट लिस्ट में

एक और महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि कंपनी के एक प्रमोटर, गोपाल जैन, का नाम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की डिफॉल्ट लिस्ट में शामिल है। यह सूची "1 करोड़ रुपए से ज्यादा के डिफॉल्ट वाले ऐसे अकाउंट्स" की है जिनके लिए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। उनका नाम इस सूची में एक दूसरी कंपनी (एडुकॉम्प इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड स्कूल मैनेजमेंट लिमिटेड) में पूर्व नॉमिनी डायरेक्टर होने की वजह से आया है। हालांकि, गाजा कैपिटल ने स्पष्ट किया है कि जब उस कंपनी ने डिफॉल्ट किया था, तब गोपाल जैन उससे जुड़े नहीं थे। साथ ही, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने उनका नाम सूची से हटाने के लिए पत्र भी जारी किया है।

इनपुट: IANS

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