मणिपुर: ड्रग्स के पैसे म्यांमार भेजने के आरोप में 56 वर्षीय महिला गिरफ्तार, 28 लाख रुपये से ज़्यादा नकद बरामद
मणिपुर में पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए एक 56 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है। महिला पर आरोप है कि वह अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से कमाए गए पैसे को सीमा पार…
मणिपुर में पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए एक 56 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है। महिला पर आरोप है कि वह अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से कमाए गए पैसे को सीमा पार म्यांमार में बैठे संदिग्ध लोगों तक पहुँचाने में शामिल थी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्रवाई में 28.78 लाख रुपये से अधिक की नकदी ज़ब्त की गई है, जिसे ड्रग्स से हुई कमाई माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी महिला की पहचान चुराचांदपुर ज़िले के न्यू लमका निवासी जेनंगाइहनियांग के रूप में हुई है। एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज एक मामले की जाँच के दौरान यह गिरफ्तारी हुई। उसके पास से नकदी के अलावा पाँच कैश रजिस्टर और एक नोट गिनने की मशीन भी बरामद की गई है। चुराचांदपुर ज़िला अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण संवेदनशील है, क्योंकि इसकी सीमा मिज़ोरम और बिना बाड़ वाली भारत-म्यांमार अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगती है।
हथियारों का ज़खीरा और उग्रवादी पकड़ा गया
एक अन्य अभियान में, सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली। इंफाल पश्चिम ज़िले में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए। ज़ब्त किए गए सामान में 12 पिस्तौल, चार राइफल, दो संशोधित .303 राइफलें, चार बोल्ट-एक्शन बंदूकें और चार हैंड ग्रेनेड शामिल हैं, जिनमें से एक चीनी मूल का है। इनके साथ ही तीन डेटोनेटर, बड़ी संख्या में कारतूस, मैगज़ीन, सैन्य वर्दी, बुलेटप्रूफ जैकेट और वायरलेस सेट भी मिले हैं।
इसके अलावा, काकचिंग ज़िले से प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन कांगलेई यावोल कन्ना लुप (KYKL) के एक सक्रिय सदस्य को भी गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए उग्रवादी की पहचान 19 वर्षीय मोइरांगथेम गांधी उर्फ लोइंगाम्बा सिंह के रूप में हुई है।
डीजीपी ने किया सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा
इन कार्रवाइयों के बीच मणिपुर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सिंह ने तेंगनौपाल ज़िले में भारत-म्यांमार सीमा का दौरा किया। उन्होंने अतिरिक्त डीजीपी (कानून-व्यवस्था) के साथ मिलकर सुरक्षा तैयारियों और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की समीक्षा की।
डीजीपी ने सीमावर्ती शहर मोरेह में तमिल, कुकी, नेपाली और मैतेई पंगल (मुस्लिम) समुदायों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ अभियान तेज करने, अवैध हथियारों की बरामदगी और नशीले पदार्थों पर लगाम कसने के सख्त निर्देश दिए।
इनपुट: IANS



