कोटा: 3 साल की बच्ची से यौन शोषण का शक, DNA सैंपल और CCTV फुटेज से आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
राजस्थान के कोटा में एक तीन साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के बेहद संवेदनशील मामले में पुलिस आरोपी की पहचान के लिए वैज्ञानिक सबूतों पर निर्भर है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बच्ची की बेहद कम उम्र के…
राजस्थान के कोटा में एक तीन साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के बेहद संवेदनशील मामले में पुलिस आरोपी की पहचान के लिए वैज्ञानिक सबूतों पर निर्भर है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बच्ची की बेहद कम उम्र के कारण वह घटना के बारे में ठीक से बता नहीं पा रही है, जिसके चलते जांचकर्ता डीएनए सैंपल, फोरेंसिक रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के सहारे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
यह दिल दहला देने वाली घटना तब सामने आई, जब बच्ची के बीमार पड़ने पर परिवार उसे एक बाल रोग विशेषज्ञ के पास ले गया। जांच के दौरान डॉक्टर ने बच्ची की कमर और गुप्तांगों के पास दर्द और सूजन देखकर यौन शोषण की आशंका जताई। डॉक्टर द्वारा सूचित किए जाने के बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
वैज्ञानिक सबूतों पर टिकी जांच
कोटा शहर की पुलिस अधीक्षक (SP) तेजस्विनी गौतम ने बताया कि मामले में पॉक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। जांच का जिम्मा महिला उत्पीड़न जांच सेल के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सांखला की निगरानी में एक टीम को सौंपा गया है।
पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती आरोपी की पहचान करना है। परिवार ने बताया कि बच्ची ज्यादातर घर पर ही रहती है या फिर पास के एक प्ले स्कूल जाती है। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने स्कूल के कुछ पुरुष कर्मचारियों समेत अन्य संदिग्धों के डीएनए सैंपल लिए हैं। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना कर सबूत जुटाए हैं।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
जांच के तहत पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज की भी गहन समीक्षा कर रही है ताकि बच्ची की गतिविधियों का पता चल सके और यह मालूम हो सके कि वह किसके संपर्क में आई थी। पुलिस को उम्मीद है कि डीएनए सैंपल और अन्य फोरेंसिक सबूतों की रिपोर्ट आने के बाद मामले में कोई ठोस सुराग हाथ लगेगा। फिलहाल जांच जारी है और आरोपी की पहचान की पुष्टि नहीं हो सकी है।
इनपुट: IANS



