कोलकाता के होटल में आग: 9 मृतकों में एक ही परिवार के चार बांग्लादेशी और दो भारतीय शामिल
कोलकाता के मिर्जा गालिब गली स्थित एक होटल में लगी आग में जान गंवाने वाले सभी नौ लोगों की पहचान कर ली गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दर्दनाक हादसे के पीड़ितों में सात बांग्लादेशी…
कोलकाता के मिर्जा गालिब गली स्थित एक होटल में लगी आग में जान गंवाने वाले सभी नौ लोगों की पहचान कर ली गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दर्दनाक हादसे के पीड़ितों में सात बांग्लादेशी नागरिक और दो भारतीय शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि घुटन के कारण हुई इन मौतों की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार, मृतकों में छह पुरुष, दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। सबसे दुखद बात यह है कि मारे गए सात बांग्लादेशी नागरिकों में से चार एक ही परिवार के थे, जो इलाज के सिलसिले में कोलकाता आए थे।
कौन थे हादसे के शिकार?
बांग्लादेशी नागरिक: मारे गए लोगों में कुश्तिया जिले के रहने वाले देबाशीष दत्ता (39), उनकी पत्नी अफसाना शिरमियान (27), उनका बेटा स्वर्णाशीष दत्ता और अफसाना के पिता मोहम्मद अकरम अली (74) शामिल हैं। देबाशीष पेशे से पत्रकार थे और परिवार अकरम के मेडिकल जांच के लिए आया था। अन्य तीन बांग्लादेशी पीड़ितों की पहचान ढाका के बाबू अहमद (37) और कालीगंज के रेबती सरकार व एम. अलीमुज़्ज़मान के रूप में हुई है।
भारतीय नागरिक: इस हादसे में दो भारतीयों की भी जान गई। इनमें होटल में काम करने वाला 19 वर्षीय संदीप पासवान शामिल था, जो झारखंड के गिरिडीह का रहने वाला था। नौवें मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग निवासी 68 वर्षीय योग नारायण अग्रवाल के रूप में हुई है।
जांच और सरकारी कार्रवाई
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि होटल की तीसरी मंजिल पर लगी आग बहुत तेज नहीं थी, लेकिन पूरी इमारत धुएं से भर गई थी। माना जा रहा है कि समय पर बचाव कार्य न मिलने के कारण दम घुटने से इन लोगों की मौत हुई, क्योंकि उनके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे।
इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सभी होटलों, लॉज और गेस्ट हाउस का ऑडिट कराने का आदेश दिया है। स्थानीय न्यूज मार्केट पुलिस स्टेशन ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है, जबकि राज्य के अग्निशमन सेवा विभाग ने भी एक अलग प्राथमिकी दर्ज की है।
इनपुट: IANS



