गुजरात: सूरत में बच्ची की मौत के बाद बड़ी कार्रवाई, 180 से ज़्यादा होटल-रेस्टोरेंट पर चला सरकारी चाबुक
सूरत के वराछा इलाके में 18 अगस्त को फूड पॉइजनिंग से पांच साल की एक बच्ची की दुखद मौत के बाद गुजरात सरकार ने पूरे राज्य में होटल-रेस्टोरेंट पर शिकंजा कस दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस घटना…
सूरत के वराछा इलाके में 18 अगस्त को फूड पॉइजनिंग से पांच साल की एक बच्ची की दुखद मौत के बाद गुजरात सरकार ने पूरे राज्य में होटल-रेस्टोरेंट पर शिकंजा कस दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस घटना को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया है।
गांधीनगर में खाद्य एवं औषधि नियमन तंत्र के उच्च अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक में मंत्री प्रफुल पानशेरिया को इस कार्रवाई की जानकारी दी गई। बताया गया कि इस विशेष अभियान के तहत अब तक कुल 187 रेस्टोरेंट की औचक जांच की जा चुकी है।
राज्य भर में छापेमारी और कार्रवाई
इस जांच अभियान के दौरान गंभीर स्तर की गंदगी और अस्वास्थ्यकर हालात मिलने पर 137 रेस्टोरेंट को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया गया। इसके अतिरिक्त, नियमों का उल्लंघन करने पर राजकोट महानगरपालिका ने दो, राजकोट जिले में एक और नडियाद जिले में तीन रेस्टोरेंट को सील कर दिया है। अधिकारियों ने 40 अन्य रेस्टोरेंट को सुधार के लिए नोटिस थमाया है, जबकि चार के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
सूरत में सघन निरीक्षण
सूरत महानगरपालिका (एसएमसी) के स्वास्थ्य विभाग ने भी शहर में एक बड़ा निरीक्षण अभियान चलाया। फूड सेफ्टी ऑफिसर और सैनिटेशन स्टाफ की संयुक्त टीमों ने 209 होटल-रेस्टोरेंट और 34 ढाबों का मुआयना किया। इस दौरान किचन की सफाई, बासी भोजन और मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जैसे पहलुओं की जांच की गई।
कार्रवाई के तहत टीमों ने 548 किलोग्राम अखाद्य सामग्री को नष्ट किया और 128 होटल-रेस्टोरेंट को नोटिस जारी करते हुए कुल 4,43,800 रुपये का प्रशासनिक जुर्माना भी वसूला। गंभीर खामियां पाए जाने पर सूरत में 43 प्रतिष्ठानों को तुरंत बंद करा दिया गया। खाद्य एवं औषधि नियमन तंत्र की विज्ञप्ति के अनुसार, नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
इनपुट: IANS



