जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के आरोप: तृणमूल के बागी नेता और पूर्व पालिका प्रमुख उत्तम कुंडू कोलकाता से गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार और जबरन वसूली समेत कई गंभीर आरोपों में वांछित तृणमूल कांग्रेस के एक नेता को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, हुगली ग्रामीण जिला…
पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार और जबरन वसूली समेत कई गंभीर आरोपों में वांछित तृणमूल कांग्रेस के एक नेता को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, हुगली ग्रामीण जिला पुलिस ने तरकेश्वर नगर पालिका के पूर्व प्रमुख उत्तम कुंडू को बुधवार देर रात कोलकाता के एक ठिकाने से पकड़ा। कुंडू काफी समय से फरार चल रहे थे और पुलिस को उनके कोलकाता में छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी।
पुलिस के अनुसार, उत्तम कुंडू पर एक कारोबारी से 40 लाख रुपए की जबरन वसूली का आरोप है। यह मामला ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल सरकार के कार्यकाल का बताया जा रहा है। कोलकाता के व्यवसायी राजेश अग्रवाल ने हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही उत्तम कुंडू फरार हो गए थे।
जमीन कब्जाने और भ्रष्टाचार के भी आरोप
जबरन वसूली के अलावा, कुंडू पर एक निर्माणाधीन फ्लैट पर अवैध कब्जा करने और जमीन हड़पने जैसे अन्य गंभीर आरोप भी हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें गुरुवार को हुगली की एक जिला अदालत में पेश किया जाना है। एक समय में कुंडू तृणमूल कांग्रेस की ट्रेड यूनियन विंग आईएनटीटीयूसी (INTTUC) के अध्यक्ष हुआ करते थे, जब रीतब्रत बनर्जी इसके प्रदेश अध्यक्ष थे।
चुनाव बाद बदला था पाला
विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस में जब दो गुट बने — एक ममता बनर्जी के नेतृत्व में और दूसरा रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में — तो कुंडू ने रीतब्रत गुट का दामन थाम लिया। अपनी वफादारी के बदले उन्हें बागी गुट में अरामबाग संगठनात्मक जिले का अध्यक्ष बनाया गया था। हालांकि, पाला बदलने के बावजूद कुंडू यह कहते रहे हैं कि वे ममता बनर्जी को ही अपना सर्वोच्च नेता मानते हैं।
इनपुट: IANS



