गुरूवार, 20 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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अभिषेक बनर्जी के खाते फ्रीज करने पर कलकत्ता हाईकोर्ट की कड़ी फटकार, बैंक से मांगा स्पष्टीकरण

तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के बैंक खातों पर डेबिट प्रतिबंध लगाने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने बैंक अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। गुरुवार को न्यायमूर्ति कृष्णा राव की एकल-न्यायाधीश…

अभिषेक बनर्जी के खाते फ्रीज करने पर कलकत्ता हाईकोर्ट की कड़ी फटकार, बैंक से मांगा स्पष्टीकरण
(फोटो: IANS)

तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के बैंक खातों पर डेबिट प्रतिबंध लगाने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने बैंक अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। गुरुवार को न्यायमूर्ति कृष्णा राव की एकल-न्यायाधीश पीठ ने बैंक द्वारा दिए गए तर्कों को 'कमजोर' और 'अस्वीकार्य' करार दिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अदालत ने बैंक अधिकारियों को अपने फैसले पर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश देते हुए सुनवाई दिन के दूसरे पहर के लिए स्थगित कर दी।

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यह मामला तब सामने आया जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने इस सप्ताह की शुरुआत में अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी आंखों के इलाज के लिए अमेरिका यात्रा से ठीक पहले उनके बैंक खाते पर डेबिट पाबंदियां लगा दी गईं और दो क्रेडिट कार्ड भी ब्लॉक कर दिए गए। गौरतलब है कि उनकी इस यात्रा को सुप्रीम कोर्ट ने इसी महीने मंजूरी दी थी।

बैंक के बदलते तर्कों पर अदालत ने जताई नाराजगी

सुनवाई के दौरान बैंक के वकील ने पहले दलील दी कि खाते पर प्रतिबंध केवाईसी (KYC) अपडेट करने के लिए लगाए गए थे। इस पर, बनर्जी के वकील अयान भट्टाचार्य ने बताया कि उनके मुवक्किल को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई और मौजूदा केवाईसी की वैधता दिसंबर तक है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब यह प्रक्रिया ऑनलाइन हो सकती है तो व्यक्तिगत उपस्थिति की क्या आवश्यकता थी।

जब न्यायमूर्ति राव ने इस पर असंतोष व्यक्त किया, तो बैंक के वकील ने 'आंतरिक समस्याओं' का हवाला दिया। इस स्पष्टीकरण से भी असंतुष्ट न्यायाधीश ने कहा कि बिना पूर्व सूचना के इस तरह की पाबंदी लगाना स्वीकार्य नहीं है।

ED मामले का जिक्र करने पर भड़के जज

इसके बाद बैंक के वकील ने एक नया तर्क देते हुए कहा कि चूंकि अभिषेक बनर्जी का नाम और दस्तावेज प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज एक मामले से जुड़े हैं, इसलिए केवाईसी अपडेट जरूरी था। इस पर न्यायमूर्ति राव और नाराज हो गए और उन्होंने वकील को केवाईसी के कारण पर अपनी दलीलें न बदलने की चेतावनी दी। उन्होंने बैंक अधिकारियों को मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए दिन में बाद में दोबारा पेश होने का आदेश दिया।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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