सोमवार, 20 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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बिहार: खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन से केला-मखाना उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार, आधी हो जाएगी यात्रा

बिहार के कृषि प्रधान कोसी और सीमांचल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए एक बड़ी परियोजना को मंजूरी मिली है। केंद्र सरकार ने खगड़िया से पूर्णिया तक मौजूदा एनएच-31 और एनएच-231 को चार लेन में…

बिहार: खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन से केला-मखाना उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार, आधी हो जाएगी यात्रा
(फोटो: IANS)

बिहार के कृषि प्रधान कोसी और सीमांचल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए एक बड़ी परियोजना को मंजूरी मिली है। केंद्र सरकार ने खगड़िया से पूर्णिया तक मौजूदा एनएच-31 और एनएच-231 को चार लेन में बदलने की योजना को हरी झंडी दे दी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 3,936.05 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि इस इलाके के दो प्रमुख कृषि उत्पादों — केला और मखाना — के लिए वरदान साबित होगी।

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खगड़िया अपने केले के बागानों के लिए जाना जाता है, जबकि पूर्णिया देश के सबसे बड़े मखाना उत्पादक केंद्रों में से एक है। फिलहाल, खराब सड़कों, ट्रैफिक जाम और खासकर बारिश के मौसम में संपर्क मार्ग टूटने से इन कीमती कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है। केला जैसे जल्द खराब होने वाले फल के लिए समय पर ढुलाई बेहद ज़रूरी होती है। यह नई सड़क किसानों को उनकी उपज की बेहतर कीमत दिलाने में मदद करेगी, क्योंकि माल समय पर और अच्छी स्थिति में बाजारों तक पहुंच सकेगा।

यात्रा का समय होगा आधा

इस फोरलेन हाईवे के बन जाने से खगड़िया, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया जिलों के बीच आवाजाही में लगने वाला समय काफी घट जाएगा। सरकार द्वारा जारी एक फैक्टशीट के मुताबिक, जो सफर अभी 3.5 से 4 घंटे में पूरा होता है, वह परियोजना के बाद महज 1.5 से 2 घंटे में तय किया जा सकेगा। इससे न केवल आम लोगों को सुविधा होगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी तेजी मिलेगी।

बाढ़ से मिलेगी राहत, जुड़ेगा पूरा पूर्वी भारत

पूर्वी बिहार का यह इलाका हर साल कोसी और गंगा नदी तंत्र में आने वाली बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित होता है, जिससे सड़क संपर्क टूट जाता है। इस परियोजना में सड़क की संरचना को मजबूत बनाने, बेहतर डिजाइन और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम जैसी इंजीनियरिंग व्यवस्थाएं शामिल हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सड़क हर मौसम में चालू रहे। यह कॉरिडोर सिर्फ बिहार तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पश्चिम बंगाल और झारखंड के साथ अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा।

पीएम गतिशक्ति से जुड़े आर्थिक केंद्र

यह परियोजना पीएम गतिशक्ति योजना के तहत भी महत्वपूर्ण है। यह इस क्षेत्र में मौजूद पांच प्रमुख आर्थिक केंद्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देगी, जिनमें एक टेक्सटाइल क्लस्टर, दो मेगा फूड पार्क और दो मत्स्य एवं सीफूड पार्क शामिल हैं। इसके अलावा, 11 बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्र, जैसे कि चार बड़े रेलवे स्टेशन, एक हवाई अड्डा और कई राष्ट्रीय व राज्य राजमार्ग भी इस नेटवर्क से बेहतर तरीके से जुड़ जाएंगे, जिससे मल्टीमॉडल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

इनपुट: IANS

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News4Social बिहार डेस्क

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